पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन ने धर्मगुरु के साथ की मीटिंग

एमजे चौधरी
गाजियाबाद। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सभी जनपदों के अधिकारियों को दिए गए निर्देश का पालन होता हुआ अब दिखाई दे रहा है, और मुख्यमंत्री के आदेश का पालन हो भी क्यों ना क्योंकि मुख्यमंत्री द्वारा कानून व्यवस्था को हाथ में लेने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री के आदेश का असर खासतौर पर अब दिखाई देने लगा है। जानकारी के अनुसार बता दें कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दिल्ली की घटना को मद्देनजर रखते हुए प्रदेश में हाई अलर्ट जारी किया गया था। जिसके चलते गाजियाबाद जनपद में धारा 144 भी लगाई गई है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री द्वारा सभी जनपदों के जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन को निर्देश जारी किए गए हैं कि सभी धर्मों के धर्म गुरु के साथ मीटिंग कर आने वाले त्योहारों को शांतिपूर्ण भाईचारा और प्यार मोहब्बत के साथ मनाने की अपील करने की जो बात की गई थी। उसका असर अब जनपद में दिखाई देने लगा। इसी दौरान जहां सिटी कोतवाली पुलिस द्वारा कोतवाली परिसर में एक पीस मीटिंग का आयोजन किया गया तो वही मसूरी थाना परिसर में एसडीएम सदर विनय कुमार सिंह और एएसपी आकाश पटेल के नेतृत्व में मसूरी थाना इलाके के सभी गांव की मस्जिदों और मंदिरों के अलावा अन्य धर्मगुरु की एक मीटिंग की गई। मीटिंग में दोनों अधिकारियों ने साफ तौर पर दिशा निर्देश देते हुए धर्मगुरु को बताया कि आने वाले पर्व को शांतिपूर्ण तरीके से मनाया जाए और कोई भी असामाजिक तत्वों द्वारा गलत गतिविधि करता हुआ पाया जाता है तो इसकी सूचना पुलिस को दी जाए। साथ ही उन्होंने आगे बताया कि जो धर्म स्थल पर लाउडस्पीकर लगे हुए हैं उनके साथ कोई भी छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए। वहीं उन्होंने कहा कि अन्य कोई भी प्रोग्राम या धर्म से संबंधित कार्यक्रम के लिए जिला प्रशासन से परमिशन लेनी होगी। अगर कोई भी बिना परमिशन के कुछ करता हुआ पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होना भी तय बताया जा रहा है। और असामाजिक तत्वों को कड़ा निर्देश देते हुए एसडीएम सदर विनय कुमार और एएसपी आकाश पटेल ने कहा कि बिना परमिशन के अगर कोई भी शख्स लाउड स्पीकर लगाकर कार्यक्रम करता है या अन्य कोई भी इस तरह का कृत्य करता हुआ पाया जाता है। जिससे कि कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ हो तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि इसी बीच सभी धर्म गुरुओं ने अधिकारियों को शांतिपूर्ण तरीके से पर्व को मनाने का आश्वासन भी दिया है।

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