बहराइच : कृषक उत्पादक संगठनों के प्रोत्साहन हेतु डीएम की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न

बहराइच। कृषक उत्पादक संगठनों के गठन एवं प्रोत्साहन योजनाष्ष् के प्रगति की समीक्षा हेतु मंगलवार को देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉण् दिनेश चन्द्र की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न हुई। बैठक के दौरान जनपद में अब तक गठित किये गये 25 कृषक उत्पादक संगठन एफपीओ के गठन की प्रगति एवं उसके क्रियाकलापों की समीक्षा की गयी। उप कृषि निदेशक टीण् शाही द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में एफपीओ गठन हेतु नाबार्ड संस्था नामित की गयी है।

शासन द्वारा प्रत्येक ब्लाक में न्यूनतम 01.01एफपीओ का गठन करने के निर्देश दिये गये थेए जिसके क्रम में तेजवापुर एवं कैसरगंज विकास खण्ड में गत माह तक गठन नहीं हुआ था, वहां भी गठन हो गया है। शाही ने बताया कि अब जनपद के सभी विकास खण्ड कृषक उत्पादक संगठन से आच्छादित होते हुये कुल 25 एफपीओ का गठन किया जा चुका है।

जनपद में कार्यरत 04 कृषक उत्पादक संगठनों को फार्म मशीनरी बैंक का लाभ प्रदान किया गया है। शासनादेश के अनुसार माण् प्रधानमंत्री जी द्वारा 10000 एफपीओ गठन के निर्देश एवं जनपद स्तर पर समीक्षा एवं अन्य लाभों हेतु समिति का गठन बैठक आहूत की गयी है। उप निदेशक कृषि ने बताया कि वर्तमान वर्ष 2022.23 में 02 वर्ष से अधिक पुराने कृषक उत्पादक संगठन जिनके द्वारा दृष्टि योजनान्तर्गत निर्धारित शर्तों को पूरा किया जायेगा उन्हें केन्द्र सरकार द्वारा प्राविधानित बीज विधायन संयन्त्र एवं बीज भण्डारण हेतु बीज गोदाम बनवाने का लाभ दिलाया जायेगा। सभी एफपीओ के निदेशकों से अपेक्षा की गयी कि दृष्टि योजनान्तर्गत शर्तों को पढ़ लें तथा उसकी पूर्ति हेतु प्रयास करना सुनिश्चित करें।

डीएम डॉण् चन्द्र ने निर्देश दिया कि मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति गठित कराकर दृष्टि योजना के अन्तर्गत एफपीओ के प्रस्ताव मंगवाने तथा निर्धारित इण्डीकेटर के अनुसार लक्ष्य के अनुसार चयन कर शासन को प्रस्ताव भेजवाया जाय। कृषक उत्पादक संगठनों के निदेशकों से कराये जा रहे कार्यों के संबंध में जानकारी चाहने पर त्रिलोकीनाथ एग्रो प्रोड्यूसर कंण्लिण् बेलभरिया विशेश्वरगंज के निदेशक रामफेर पाण्डेय द्वारा अवगत कराया गया कि उनके संगठन द्वारा मधुमक्खी पालन का कार्य किया जा रहा है।

मधुमक्खी पालन से उत्पादित शहद के प्रोसेसिंग कार्य हेतु उद्यान विभाग की आरके वाई योजना से प्रोसेसिंग यूनिट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया ताकि शहद उत्पादन की प्रोसेसिंग कराकर अच्छा मूल्य प्राप्त हो सके तथा आमदनी बढ़ सके। इस सम्बन्ध में डीएम द्वारा जिला उद्यान अधिकारी को एक सप्ताह के अन्दर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये।

बैठक में मौजूद सुहेलदेव एग्रो फार्मर्स प्रोड्यूसर कंण्लिण् ग्राम चिलवरियाए पयागपुर के निदेशक मुन्ना लाल वर्मा द्वारा अवगत कराया गया कि उनका संगठन अक्टूबर से फरवरी तक मशरुम की खेती करता है। बारहों महीने मशरुम उत्पादन हेतु कोई यूनिट लगाने हेतु सहायता दिलाने की अपेक्षा की गयी। श्री वर्मा द्वारा अवगत कराया गया कि उनके संगठन के सदस्यों द्वारा पपीते की खेती अधिक क्षेत्रों में की जा रही है।

पपीते की खेती में खाली पड़ी भूमि पर हल्दी की खेती करने हेतु अनुदान चाहते हैं। इस पर जिलाधिकारी द्वारा जिला उद्यान अधिकारी को योजनाओं के अन्तर्गत मशरुम एवं हल्दी उत्पादन पर अपेक्षित सहयोग अनुदान उपलब्ध कराकर अवगत कराने का निर्देश दिया गया। साथ ही जनपद में अत्यधिक केला उत्पादन के दृष्टिगत कच्चे केले को पकाने की यूनिट की स्थापना कराये जाने का भी निर्देश दिया ताकि जनपद के कृषक कैल्शियम कार्बाइड का उपयोग केला पकाने में कम से कम कर सकें।

ब्रहमाइच नेचुरल फार्मर्स प्रोड्यूसर कंण्लिण् ग्राम गजाधरपुरए फखरपुर के निदेशक अम्बिका प्रसाद वर्मा द्वारा अवगत कराया गया कि उनका संगठन लेमन ग्रास एवं मेन्था की खेती करता हैए परन्तु लेमन ग्रास से आयल निकालने की सुविधा उपलब्ध न होने के कारण आमदनी में बढ़ौत्तरी नहीं हो पा रही है। उनके द्वारा उद्यान विभाग की योजनाओं से अपेक्षित सहयोग दिलाने की मांग की गयी। इस पर जिलाधिकारी द्वारा जिला उद्यान अधिकारी को अपेक्षित सहयोग उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। बैठक में उपस्थित कृषक उत्पादक संगठनों द्वारा राज्यध्राज्य के बाहर सफल कृषक उत्पादक संगठनों के यहां भ्रमण कराने की मांग पर जिलाधिकारी द्वारा कृषि विभाग की आत्मा योजना से भ्रमण कराने का निर्देश दिया गया।

कौशल टेक्निकल सपोर्ट यूनिट लखनऊ के रवि द्वारा एफपीओ के संचालन तथा कृषि ड्रोन कैमरे के सम्बन्ध में जानकारी प्रदान की गयी। बैठक में मौजूद चार्टर्ड एकाउन्टेन्ट बृजेश मिश्रा द्वारा उपस्थित एफण्पीण्ओण् के निदेशकों को उनकी आय व इन्कम का आडिट कराये जाने के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी गयी। कृषि विज्ञान केन्द्र बहराइच के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉण् वीण्पीण् शाही द्वारा एफण्पीण्ओण् के संचालनए बाजार लिंकेज तथा प्रशिक्षण आदि के सम्बन्ध में तकनीकी जानकारी प्रदान की गयी।

बैठक के अन्त में डीएम डॉण् चन्द्र द्वारा निदेशकध्प्रतिनिधियों को निर्देश दिया गया कि भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश शासन द्वारा दिये गये निर्देशानुसार एफपीओ का संचालन करें। कृषक उत्पादक संगठनों को गुलाब के फूलों से अर्क निकालनेए प्राकृतिक खेती करनेए मशरुम उत्पादनए रेशम व केला उत्पादन कर उद्यान विभाग द्वारा बागबानी से संबंधित योजनाओं का भरपूर लाभ प्राप्त कर आमदनी बढ़ाये जाने की सलाह दी गयी। डीएम ने कहा कि शर्त पूरी करने वाले एफपीओ अनुमन्य योजनाओं से आच्छादित करने हेतु अपेक्षित कार्यवाही की जाय। समस्त निदेशकों को निर्देशित किया गया कि एफपीओ का ऑफिस बनायेंए जिसमें प्रत्येक माह कृषकों के साथ बैठक भी की जाय।

एफपीओ को यह भी निर्देश दिया गया कि बैठक की कार्यवृत्त जनपद स्तर पर उप कृषि निदेशक को उपलब्ध कराया जाये। प्रत्येक कृषक उत्पादक संगठन कैशबुकए मेम्बर्स रजिस्टर सहित कम से कम 14 रजिस्टर बनायें। समस्त एफण्पीण्ओण् संचालन के अभिलेख व उनकी गतिविधियों का रिकार्ड रखना सुनिश्चित करें तथा अभिलेखों का सत्यापन प्रतिमाह डीडीएम नाबार्ड से कराकर अवगत करायें। कृषक उत्पादक संगठन कृषकों की संख्या व शेयर कैपिटल बढ़ायेंए जिससे 02 वर्ष पुराने एफपीओ का चयन दृष्टि योजनान्तर्गत कराया जा सके। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी कविता मीना सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी मौजूद रहे।

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