
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने चीन के प्रधानमंत्री से फोन पर बातचीत की। शाहबाज ने चीनी PM को भरोसा दिलाते हुए कहा- हम चीनी नागरिकों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम करेंगे। लॉ एंड ऑर्डर को भी जल्द दुरुस्त करेंगे। इस कॉल के दौरान शाहबाज ने 6 हजार करोड़ की लागत से बन रहे चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कोरिडोर (CPEC) के प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा की बात भी कही है। इस बातचीत के कुछ घंटे बाद ही पाकिस्तानी पुलिस ने एक संदिग्ध महिला फिदायीन हमलावर को गिरफ्तार कर लिया।
धमाके के लिए बारूद-बॉम्ब किए गए बरामद
पाकिस्तानी पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद बयान दिया- जिस महिला की गिरफ्तारी हुई है, उसके पास से धमाके के लिए बारूद और बॉम्ब बरामद किए गए हैं। जो अगला धमाका करने के लिए इस्तेमाल किए जाने थे। संधिग्द महिला का बलोच लिब्रेशन आर्मी से (BLA) की सदस्य है। इसे चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कोरिडोर के पास हमला करने और चीनी नागरिकों को निशाना बनाने के लिए कहा गया था।
हमले में 3 चीनियों की हुई थी मौत
कराची यूनिवर्सिटी में 26 अप्रैल को महिला फिदायीन हमले में 3 चीनी प्रोफेसर्स की मौत हो गई थी। चीन ने पाकिस्तान से उसके नागरिकों को सुरक्षा देने के लिए सख्त कदम उठाने की हिदायत दी थी। हालांकि, हमले के बाद प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ आधी रात को दौड़े-दौड़े चीन की इस्लामाबाद में मौजूद ऐंबैसी पहुंचे थे। उन्होंने भरोसा दिलाया था कि भविष्य में चीनियों को सख्त सुरक्षा दी जाएगी।
चीनी नागरिक जल्द छोड़ सकते है पाकिस्तान
चीनी नागरिकों पर हुए हमलों से खफा होने के बाद उसने पाकिस्तान में पढ़ाने वाले सभी प्रोफेसर्स को वापस बुला लिया था। इस आदेश की वजह से कराची यूनिवर्सिटी समेत पूरे पाकिस्तान में मैंडरिन पढ़ाने वाले प्रोफेसर्स अपने देश लौट गए थे।
हमलों में चीनी नागरिकों ने गंवाई जान
अप्रैल में पाकिस्तान के क्वेटा में चीनी राजदूत को निशाना बनाया गया था। हालांकि इस हमले में चीनी राजदूत को कोई नुकसान नहीं हुआ। इसके बाद 14 जुलाई 2021 को एक बस को आतंकियों ने उड़ा दिया था। इस बस में चीनी नागरिकों को खबैर पख्तूनख्वा ले जाया जा रहा था। इस हमले में 9 चीनी नागरिकों की मौत हो गई थी वहीं पाकिस्तान के भी कुछ लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। इसके बाद 20 अगस्त को ग्वादर पोर्ट के पास चीनी नागरिकों को निशाना बनाया गया था इस हमले में दो बच्चों की मौत हुई थी।















