राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने किया डीएम बहराइच की पुस्तक ‘‘काल प्रेरणा’’ का विमोचन

नई दिल्ली स्थित केरल भवन में आयोजित हुआ पुस्तक विमोचन समारोह

बहराइच l आईएएस अधिकारी डॉ दिनेश चंद्र सिंह द्वारा लिखित एवं वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार कमलेश पांडेय द्वारा संपादित बहुचर्चित पुस्तक “काल-प्रेरणा”, नगीन प्रकाशन, मेरठ, उत्तरप्रदेश का विमोचन शुक्रवार को केरल हाउस, नई दिल्ली के सभागार में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि व केरल के महामहिम राज्यपाल डॉ आरिफ मोहम्मद खान द्वारा किया गया।

इस अवसर पर अपना उद्गार व्यक्त करते हुए केरल के राज्यपाल महामहिम आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि इस पुस्तक के माध्यम से वर्तमान समस्याओं के समुचित समाधान हेतु पुरातन भारतीय सभ्यता-संस्कृति की नजीर से जो सबक लेने की सीख दी गई है, उससे प्रेरणा ग्रहण करना हमारी नितांत आवश्यकता है। हमारी यही कुछ खास बात है कि हमारी हस्ती कभी मिटती नहीं है। सदियों की पराधीनता के बावजूद हमारी सभ्यता-संस्कृति जिंदा है, जबकि मिश्र व यूनान की सभ्यता व संस्कृति बदल चुकी है। भले ही वो बदल गए, पर हम नहीं।

उन्होंने कहा कि लेखक डॉ सिंह ने कोविड के दौरान अर्जित तल्ख अनुभव को भारतीय संस्कृति के संदर्भ में, उसके व्यवहारिक परिवेश में समझने-समझाने की जो चेष्टा की है, वही हमारी संस्कृति का सार है। चाहे रविन्द्र नाथ टैगोर द्वारा  वर्ष 1921में स्टॉकहोम में या फिर स्वामी विवेकानंद द्वारा अमेरिकी धर्म संसद में जो सारगर्भित बातें कही और भारतीय संस्कृति की विशिष्टताओं की जो व्याख्या की, वह पारस्परिक सहयोग, सम्मान और मानवीय पीड़ाओं, उससे जुड़ी संवेदनाओं के महत्व को जतलाती है। भारतीय संस्कृति व्यष्टि में समष्टि और समष्टि में व्यष्टि को देखने को प्रेरित करती है। भले ही लोग अलग-अलग भाषा बोलते हैं। उनका रंग भी अलग-अलग है। उनके पूजा-पाठ का तरीका भी अलग अलग है। यही सब संस्कृति का आधार भी है। लेकिन आत्मा के आधार पर हमसब एक हैं, यही चिरस्थाई रिश्ता है। पेड़ पौधे में भी आत्मा है, पत्थर में भी जीवन है।  उन्होंने डॉ सिंह को सुझाव दिया कि अपनी लेखनी को विराम मत दीजिये। कोई भी काम निज स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि परमार्थ के लिए कीजिए।

इससे पूर्व पुस्तक विमोचन समारोह में विषय प्रवेश पुस्तक काल-प्रेरणा के लेखक डॉ दिनेश चंद्र सिंह, जिलाधिकारी, बहराइच, उत्तरप्रदेश ने कराया और इस पुस्तक को लिखने की समूची पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए बताया कि कोविड की भयावह परिस्थितियों में इस कालजयी रचना के सृजन का ख्याल मेरे मन में आया। लखनऊ के राम मनोहर लोहिया पार्क की कुछ घटनाओं ने, राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर, कबीरदास, तुलसीदास की कतिपय पंक्तियों ने मुझे प्रेरित किया कि वर्तमान अप्रत्याशित कालखंड को अपनी कालजयी सभ्यता-संस्कृति के नजरिये से परखा जाए, ताकि सबकी भलाई सम्भव हो सके। हमने मां, मातृभूमि और राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित पीएम मोदी जी एवं सीएम योगी जी के कार्यों से प्रेरणा ली और भावी पीढ़ी के हितार्थ उसे कलमबद्ध किया। इसमें उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मित्रता, सीडीएस स्व. विपिन रावत जी के राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति अहर्निश चिंतन, छायाचित्र में स्वच्छता एवं योग जागरूकता के लिए 59 मिनट का शीर्षासन का रिकॉर्ड, महाराणा प्रताप और दानवीर भामाशाह के पारस्परिक सहयोग से लाभान्वित भारतीयता को चित्रित करने की हमने कोशिश की है, जो आपकी उपस्थिति से सफल प्रतीत हो रही है।

वहीं, अपने उद्बोधन में बहराइच के लोकसभा सांसद अक्षयवर लाल गौड़ ने बताया कि हमारे जिलाधिकारी डॉ दिनेश चंद्र सिंह एक प्रशासक के अलावा एक समाजसेवी के रूप में भी कार्य करते रहते हैं, जिससे लोग लाभान्वित होते हैं। अपने पूर्वजों और माता-पिता के आशीर्वाद से ही वे गरीब लोग की सेवा करते रहते हैं। साहित्यिक क्षेत्र में भी उन्होंने उम्दा कार्य किया है। इससे हमलोगों को भी प्रेरणा मिलेगी। इससे मोदी-योगी जी का स्वप्न शीघ्रता पूर्वक साकार होगा।

इस मौके पर विशिष्ट अतिथि के रूप में बहराइच के सांसद अक्षयवर लाल गौड़, राज्यसभा सांसद अनिल अग्रवाल, गाजियाबाद नगर निगम की महापौर आशा शर्मा, पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी बाजपेयी और मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूर्व प्रधान सलाहकार व वरिष्ठ नौकरशाह नृपेंद्र मिश्रा के पुत्र और पूर्वांचल विकास बोर्ड के अध्यक्ष साकेत मिश्रा, व्यापार मंडल, बहराइच के अध्यक्ष कुलभूषण अरोड़ा, मशहूर शिक्षाविद एवं पूर्व कुलपति जे एस राजपूत आदि गणमान्य अतिथि भी मंचस्थ रहे।

समारोह में संपादक कमलेश पांडेय, प्रकाशक बंसल जैन, संजय सामा, मतलूब अहमद, राकेश आहूजा, ओम आहूजा, राहुल रस्तोगी, सरदार तेजपाल सिंह, गाजियाबाद नगर निगम के जीएम जल आनंद त्रिपाठी, उद्यान प्रभारी डॉ अनुज सिंह, सत्येंद्र सिसौदिया, शिव कुमार राणा, देव प्रिय सिंह, गिरीश मिश्रा, गाजियाबाद के इंदिरापुरम के निगम पार्षद संजय सिंह, वसुंधरा के निगम पार्षद महेंद्र चौधरी, दिनेश सिंह, अश्विनी ठाकुर, ललित जायसवाल आदि दर्जनों गणमान्य लोग मौजूद रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान जन-गण-मन के सामूहिक गायन से की गई। ततपश्चात मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि व गणमान्य अतिथि गण को बारी बारी से पुष्प-गुच्छ, स्मृति चिन्ह एवं अंग वस्त्रम भेंट करके उन्हें सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान जन-गण-मन के सामूहिक गायन से किया गया।

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