
गुजरात में विधानसभा चुनाव के लिये काउंटडाउन शुरु हो चुका है, इलेक्शन कमीशन तैयारियों का जायजा ले चुका है, जल्द ही चुनाव तारीखों का ऐलान हो सकता है, चुनावी रणभेरी बजने से पहले ही प्रदेश में चुनाव अभियान जबरदस्त जोर पकड़ चुका है, बीजेपी और कांग्रेस के बीच मुख्य मुकाबला है, तो आप भी किस्मत आजमा रही है, इस ट्रांएंगुलर मुकाबले को लेकर एबीपी न्यूज-सी वोटर ने ताजा सर्वे में दिलचस्प आंकड़े बताये हैं।
फिर से सत्ता में बीजेपी
सर्वे के मुताबिक 182 सीटों वाली विधानसभा में बीजेपी एक बार फिर सत्ता पर काबिज हो सकती है, मोदी के गृहराज्य में पिछले 27 सालों से बीजेपी का शासन है, इस बार पार्टी को जबरदस्त सफलता मिलती दिख रही है, सर्वे के अनुसार बीजेपी को 135 से 143 सीटें मिल सकती है, जबकि पिछली बार अच्छी सफलता हासिल करने वाली कांग्रेस 36-44 सीटों पर सिमट सकती है, वहीं केजरीवाल के कड़ी मेहनत के बाद भी आप को 0-2 सीटें मिलने का अनुमान है, 0-3 सीटों पर अन्य को सफलता मिल सकती है।
गुजरात में फिर एक बार भाजपा सरकार, सर्वे में जनता ने लगाई मुहर। pic.twitter.com/SMSROJDJtB
— BJP Delhi (@BJP4Delhi) October 6, 2022
आप की एंट्री से बीजेपी को फायदा
वोट शेयर पर नजर डालें तो बीजेपी को 2017 विधानसभा चुनाव के मुकाबले कुछ नुकसान होता दिख रहा है, वहीं आम आदमी पार्टी कांग्रेस के वोट में सेंध लगा रही है, बीजेपी को इस बार 46.8 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है, जबकि 2017 चुनाव में पार्टी को 49.1 फीसदी वोट मिले थे, कांग्रेस को इस बार 32.3 फीसदी वोट मिलने की संभावना है, जबकि 5 साल पहले पार्टी को 41.4 फीसदी वोट मिले थे, केजरीवाल की पार्टी को 17.4 फीसदी वोट मिल सकते हैं, आप की मजबूती से कांग्रेस को 9 फीसदी से ज्यादा नुकसान होता दिख रहा है, वहीं बीजेपी का वोट शेयर 2.3 फीसदी ही कम होने का अनुमान है, इस लिहाज से देखा जाए, तो केजरीवाल की पार्टी कांग्रेस के लिये ज्यादा बड़ी टेंशन दिख रहे हैं।
2017 में आप का प्रदर्शन
2017 में आम आदमी पार्टी ने पहली बार गुजरात में एंट्री ली थी, तब पार्टी ने 29 सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे, प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा था, पार्टी को इन 29 सीटों पर 29517 वोट मिले थे, जो कि नोटा से भी बेहद कम था, इन सीटों पर 75880 लोगों ने नोटा का बटन दबाया था, हालांकि 2017 में निराशाजनक प्रदर्शन के बावजूद केजरीवाल की पार्टी गुजरात में लगातार मेहनत कर रही है, पार्टी ने संगठन को मजबूत किया है, केजरीवाल समेत पार्टी के बड़े नेताओं ने यहां बार-बार दौरे किये हैं, अगर चुनाव परिणाम ओपिनियन पोल जैसे रहे, तब भी वोट शेयर के मामले में केजरीवाल की पार्टी के लिये बड़ी सफलता होगी।














