
चुनाव आयोग से शिंदे गुट को शिवसेना (बालासाहेबांची) नाम मिलने पर आदित्य ठाकरे ने हमला बोला है। एक इंटरव्यू में आदित्य ने कहा- बालासाहेब तो देश में बहुत सारे हैं पर उद्धव बालासाहेब ठाकरे देश में एक ही है, जो सबको जोड़ता है। आदित्य ने आगे कहा- शिवसेना के 40 गद्दार हमसे हमारा नाम और हिंदुत्व की पहचान छीनने की कोशिश कर रहे हैं।
शिंदे गुट ने नए सिंबल के लिए 3 नाम सौंपे
चुनाव आयोग से गदा सिंबल नहीं मिलने के बाद शिंदे गुट ने मंगलवार को 3 नए चुनाव चिह्न की लिस्ट सौंपी है। सूत्रों के मुताबिक, सूर्य, पीपल का पेड़ और ढाल-तलवार शामिल है। आयोग ने शिंदे गुट को शिवसेना (बालासाहेबांची) नाम दिया है। इसी नाम से पार्टी मुंबई के अंधेरी-ईस्ट में होने वाले विधानसभी उपचुनाव में उतरेगी।
फ्रीज हुआ उद्धव का सिंबल मशाल तीर-कमान
चुनाव आयोग ने सोमवार को उद्धव गुट को ‘शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे’ नाम और मशाल निशान दिया था। 8 अक्टूबर को आयोग ने दोनों गुट के बीच लड़ाई को देखते हुए तीर-कमान का सिंबल फ्रीज कर दिया। आयोग ने फैसले में कहा- शिवसेना के मूल नाम पर फैसला आने तक कोई भी गुट पार्टी के नाम का इस्तेमाल नहीं कर सकता है।
उद्धव ने आयोग को दिए थे ये नाम और निशान
उद्धव ठाकरे ने जानकारी दी थी कि उप चुनाव के लिए उन्होंने चुनाव आयोग को तीन नाम और तीन निशान के विकल्प दिए थे। निशान में त्रिशूल, उगता सूरज और मशाल शामिल थे। वहीं, पार्टी के नाम शिवसेना बाला साहेब ठाकरे, शिवसेना बालासाहेब प्रबोधनकर ठाकरे, शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे दिए गए थे।
वहीं शिंदे ने भी त्रिशूल, उगता सूरज और गदा चुनाव चिह्न मांगे थे। उन्हें आयोग ने इन तीनों में से कोई भी सिंबल नहीं दिए। वजह ये कि उगता सूरज DMK का चुनाव चिह्न है, वहीं त्रिशूल और गदा को धार्मिक चिह्न बताते हुए आयोग ने देने से इनकार कर दिया।
3 नवंबर को विधानसभा उपचुनाव
महाराष्ट्र की अंधेरी ईस्ट सीट शिवसेना विधायक रमेश लटके के निधन के बाद से खाली है, इसलिए इस सीट पर उपचुनाव हो रहे हैं। चुनाव 3 नवंबर को होंगे। 14 अक्टूबर नामांकन की आखिरी तारीख है। 17 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। 6 नवंबर को रिजल्ट आएंगे। उद्धव ठाकरे गुट उपचुनाव लड़ रहा है। शिंदे गुट की सहयोगी भाजपा ने भी चुनाव लड़ने का फैसला किया है














