
वर्षों से वैंण्डर के खिलाफ नहीं चलाया गया कोई अभियान
डेयरी प्लांट और शहर में दुकानों पर भी वैण्डर करते हैं सप्लाई
भास्कर समाचार सेवा
मथुरा। मिलावट, सिंथेटिक और अपमिश्रित दूध की बिक्री रोकने के लिए विभाग लगातार डेयरी प्लांट पर छापामार कार्यवाही कर रहा है। विभागीय अधिकारियों को इस दौरान डेयरी प्लांट पर गुणवत्ता हीन व अपमिश्रित दूध और दुग्ध उत्पाद भी मिल रहे हैं। हजारों लीटर दूध को इस कार्यवाही में अधिकारी नालियों में फिकवा भी रहे हैं। इस तरह की कार्यवाही लगातार जारी है। इस बीच विभाग ने मिल्क वैण्डर से दूरी बना रखी है। जबकि मिल्क वैण्डर या दूधिया टूर टू डोर लाखों लीटर दूध की सीधी सप्लाई प्रतिदिन कर रहे हैं। शहर दुकानों पर और डेयरियों पर दूध की उपलब्धता सुनिश्चित करने में भी इनकी भूमिक बेहद महत्वपूर्ण है। बावजूद इसके वर्षों से खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से मिल्क वैण्डर के खिलाफ मथुरा जनपद में कोई अभियान नहीं चलाया गया है। वर्ष 2008 में मिल्क वैण्डर के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने बडा अभियान चलाया था। इसके बाद कभी कभार छुटपुट कार्यवाही जरूर हुई है लेकिन बड़ा अभियान कभी नहीं चलाया गया। 2008 में की गई कार्यवाही के बाद कई साल तक खाद्य सुरक्षा विभाग का मिल्क वण्डर के बीच भय कायम रहा था। कार्यवाही की भनक लगते ही दूधिया जहां तहां दूध को फैला कर भाग निकलते थे। वह नहीं चाहते थे कि वह कार्यवाही की जद में आएं। इस समय विभाग के पास इस तरह का कोई आंकड़ा भी मौजूद नहीं है कि कितने लोग इस तरह के काम में लगे हैं और कितने मिल्क वण्डर डोर टू डोर सप्लाई कर रहे हैं। सीधे घरों में किस गुणवत्ता का धूप पहुंच रहा है, इस सुनिश्चित करना विभागीय अधिकारियों ने कभी गंभीरता से नहीं लिया है। जबकि आम उपभोक्ता प्रतिदिन इसी तरह दूध का उपयोग कर रहा है जो वेंडर द्वारा दुकानों पर अथवा सीधे घरों में सप्लाई किया जा रहा है। दूध की यह मात्रा बडी है। डेयरी, दुकान और घरों तक दूध पहुंचाने में वण्डर की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। जानकारों का मानना है कि सप्लाई चेन सुचिता सुनिश्चित किए बिना खाद्य सुरक्षा विभाग की यहां वहां की जा रहीं कार्यवाही के नतीजे शानदार नहीं आ सकते।
हाइड्रोजन पेरोक्साइड, रिफाइंड और डिटर्जेंट से बना रहे दूध
मिल्क पाउडर, ग्लूकोज में रिफाइंड, डिटर्जेंट व हाइड्रोजन पेरोक्साइड मिलाकर दूध तैयार करने के मामले आसपास के जनपदों में भी समाने आ रहे है। आगरा जनपद में हुई कार्यवाही में भी यह मामला सामने आया। स्थानीय टीम ने कासगंज के सलेमपुर बीबी में राजीव गुप्ता के दूध संग्रह केंद्र का निरीक्षण किया। मौके पर 70 किलो दूध मिला। 57 किलो मिल्क पाउडर, 40 किलो ग्लूकोज, 40 लीटर हाइड्रोजन पेरोक्साइड, 4 किलो रिफाइंड, 10 किलो डिटर्जेंट बरामद हुआ। सभी को टीम ने कब्जे में लेकर सीज कर दिया।











