राजदीप हत्याकांड वर्कआउट, दोस्त ही निकले कातिल, गिरफ्तार

लड़कियों से बातचीत, शक, धमकी, डर, भरोसा बना हत्या का कारण

भास्कर समाचार सेवा
मेरठ। फलावदा में हुए 12वीं के छात्र राजदीप हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे में ही खुलासा कर दिया। स्कूल में पढ़ने वाले दोस्तों ने ही हत्या को अंजाम दिया था। कातिलों ने स्वीकार किया, मृतक का एक छात्रा से प्रेम प्रसंग चल रहा था, जिसे लेकर आपस में कहासुनी हो गई थी। मृतक ने हत्या की धमकी दी थी। पुलिस ने दोनों कातिलों को गिरफ्तार कर लिया है।   

थानाध्यक्ष मुनेश कुमार शर्मा ने बताया, क्षेत्र के नंगला हरेरू निवासी 17 वर्षीय राजदीप को सोमवार की शाम दो युवक घर से बुलाकर ले गए थे। राजदीप उर्फ भोला पुत्र राजकुमार किसान इंटर कॉलेज में 12वीं का छात्र था। जब वह घर नहीं लौटा तो परिजन उसको तलाश कर रहे थे, तभी मवाना के सरकारी अस्पताल से फोन आया। परिवार के लोग जब अस्पताल पहुंचे तो राजदीप का शव उन्हें मिला। राजदीप को कुंडा निवासी दो युवक भर्ती कराकर गए थे, जिन्हें पुलिस ने पूछताछ के लिए उठा लिया था। इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया था। नामजद हत्यारोपी कपिल भाटी पुत्र मंगते व आदित्य पुत्र कान्ती निवासीगण ग्राम कुंडा को सनौता-कुंडा चौराहा से गिरफ्तार कर लिया गया। जिनसे कड़ी पूछताछ की गई। घटना में प्रयुक्त बरामद बाइक चोरी की निकली। बाइक को दिल्ली से चोरी किया गया था, जो कि जितेन्द्र पुत्र प्रमोद कुमार निवासी जहाँगीरपुरी उत्तर पश्चिम दिल्ली के नाम पंजीकृत है। आला कत्ल देशी तंमचा ग्राम कुण्डा-सनौता चौराहा से बरामद कर लिया गया।

ये रहा हत्या का कारण
थानाध्यक्ष ने बताया, गिरफ्तारशुदा हत्यारोपियों द्वारा पूछने पर जुर्म इकबाल कर लिया गया। अभियुक्त आदित्य ने बताया, मैं कक्षा-11 में कृषक इण्टर कालिज मवाना में पढ़ता हूँ। उसी स्कूल में कक्षा-12 में मेरा दोस्त मृतक राजदीप उर्फ भोला भी पढ़ता था, जो एक-दो लड़कीयों से बातें करता था। वह मुझ पर शक करता था कि तू मेरी गर्लफ्रेंड से बात करता है। तुझे जान से मार दूंगा तो डर की वजह से हमने उसे घर से ले जाकर कपिल के साथ मिलकर उसकी गोली मारकर हत्या कर दी।

इनका कहना है
“फिल्मों में अश्लीलता बढ़ती जा रही है। वैब सीरिज में गंदगी बढ़ी है। सेंसर बोर्ड को इस पर ध्यान देना चाहिए और अश्लीलता पर प्रतिबंध लगना चाहिए। माता-पिता अपने बच्चों की ओर ध्यान नहीं दे रहें, बच्चों की काउंसलिंग स्कूल लेवल पर भी होनी चाहिए, तभी बच्चों में बढ़ रहे अपराधों पर रोक लगायी जा सकती है”।
एडवोकेट उर्वशी चौधरी

“बच्चे देश का भविष्य है, लेकिन संस्कारों की कमी के कारण ये अपराध की ओर जा रहे हैं। अभिभावकों के पास वक्त नहीं है, शिक्षक भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहें। इस कारण कम उम्र में ही बच्चों के हाथ खून से सन रहे हैं। दूसरा कारण न्याय प्रक्रिया में देरी होना भी है। इस कारण डर कम हो रहा है”।
डा. संदीप जैन, पूर्व सचिव आईएमए मेरठ

“युवा पीढ़ी भटक रही है, उन्हें अब न तो देश की और न अपने भविष्य की चिंता है। पढ़ाई की उम्र में प्यार, ये सब सही मार्गदर्शन न मिलने के कारण हो रहा है। बच्चों में सामाजिकता खत्म होती जा रही है। किताबों के साथ-साथ बच्चों को समाज, संस्कार के बारे में भी जागरूक करना चाहिए”।
अदिति चंद्रा, अध्यक्षा द ग्रोइंग पीपल

“स्कूल की किताबों के अलावा युवाओं को धार्मिक पुस्तकों का अध्ययन भी कराना चाहिए। फिल्मों से अपराध बढ़ा है, फिल्मों को देखकर ही युवा अपराध के नए-नए तरीके सीख रहा है। अभिभावकों व शिक्षकों की भी जिम्मेदारी बनती है वे बच्चों की काउंसलिंग करें। माता-पिता बच्चों पर विशेष नजर रखें, तभी हम बच्चों को भटकाव से रोक सकते हैं”।
एडवोकेट जैनुर राशिद्दीन, नायब शहर काजी मेरठ

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