
सीतापुर। गोंदलामऊ में हुए सामूहिक शादी में लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोप की खबर प्रकाशित होने के बाद डीएम के निर्देश पर समाज कल्याण अधिकारी ने एक विभागीय अधिकारियों की एक समिति का गठन किया था। इस समिति ने मंगलवार को आरोप लगाने वाले वर-वधु के घर जाकर बयान लिए। वर-वधु के परिजनों का कहना है आई हुई समिति के द्वारा बयान तो लिए गए और हम लोगों ने 15000 लिए जाने की बात भी कही लेकिन उसे कागजों पर दर्ज नहीं किया गया बल्कि सादे कागज पर हस्ताक्षर तथा अंगूठे के निशान ले लिए गए और सभी अधिकारी चले गए।
दैनिक भास्कर में खबर चलने के बाद समाज कल्याण विभाग में मची है खलबली
इस बारे में जब समाज कल्याण अधिकारी हर्ष मवार से वार्ता की गई तो उन्होंने बताया कि डीएम के निर्देश पर स्थानीय स्तर की एक कमेटी जिसमें वरिष्ठ सुपरवाइजर रविंद्र कुमार, सहायक विकास अधिकारी प्रेमचंद तथा एकाउंटेंट सुनील कुमार मौजूद थे। यही नहीं समाज कल्याण लखनऊ के डिप्टी डायरेक्टर भी आए हुए थे।
उक्त चारों अधिकारियों ने वर वधु के घर जाकर उनके बयान लिए हैं और उसकी वीडियो क्लिप बनाई गई है यह लोग उस पर लिख नहीं पा रहे थे जिसके चलते वीडियो क्लिप बनाई गई है। आपको बताते चलें कि 11 दिसंबर को जिले के कई विकास खंडों में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत शादियां हुई थी जिसमें गोंदलामऊ में भी शादी समारोह का आयोजन किया गया था।
इस आयोजन में भारी अव्यवस्थाओं का बोलबाला था लोगों को खाना तक नहीं नसीब हुआ और ना ही पगडी दी गई। यही नहीं विकासखंड गोंदलामऊ के मीरापुर निवासी लक्ष्मी पुत्री स्वर्गीय राम बख्श के चाचा राम नरेश वर्मा ने चैनल के माध्यम से आरोप लगाया था कि जो नगद धनराशि पर 35000 की दी जा रही है उसमें से 15000 की मांग लोग कर रहे हैं। इस खबर के चलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में डीएम ने समाज कल्याण अधिकारी को कार्यवाही करने तथा जांच करने के सख्त दिशानिर्देश जारी किए। इसी परिपेक्ष में आज डिप्टी डायरेक्टर लखनऊ समाज कल्याण तथा स्थानीय स्तर की विभागीय जांच समिति मीरापुर तथा दूल्हा पक्ष के बीबीपुर गांव पहुंची और वहां के वर वधु पक्ष के लोगों के बयान दर्ज किए। फिलहाल इस मामले में बयान लेने गई पुलिस टीम ने घूसखोरी के साक्ष्य को जुटा लिया है।










