
प्रयागराज. पहले बेटे असद का झांसी में एनकाउंटर हुआ, फिर इस घटना के 55 घंटे के भीतर ही पति अतीक अहमद और देवर खालिद अजीम उर्फ अशरफ की काल्विन हास्पिटल में तीन हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। परिवार में एक के बाद एक तीन जनाजे उठे, लेकिन उमेशपाल हत्याकांड में 50 हजार की इनामिया शाइस्ता परवीन सामने नहीं आईं। हालांकि अतीक हत्याकांड के बाद यह कयास लगाया जाने लगा था कि शाइस्ता कभी भी सरेंडर कर सकती हैं।
सोशल मीडिया पर भी इसकी चर्चा जोरों पर थी। अतीक अहमद और अशरफ का जब जनाजा उठा और मिट्टी दी जाने लगी, उस समय तक पुलिस की नजरें शाइस्ता परवीन के ऊपर गड़ी रहीं। अतीक अहमद और अशरफ की हत्या के बाद गुड्डू मुस्लिम सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। कभी उसकी गिरफ्तारी तो कभी उसे घेरे जाने की अफवाहें उड़ती रहीं। 15 अप्रैल, 2023 की रात साढ़े दस बजे काल्विन हास्पिटल में जिस वक्त अतीक अहमद और अशरफ मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे, उस दौरान अशरफ ने गुड्डू मुस्लिम का नाम लिया था, लेकिन इसके आगे वहकुछ बोल पाता, हमलावरों ने फायरिंग खोल दी थी और देखते ही देखते चंद सेकेंड के भीतर दोनों भाई लहूलुहान अवस्था में जमीन पर पड़े थे।
यह हमला इतनी तेज हुआ कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला और जब पुलिस संभली, तब तक काफी देर हो चुकी थी। तमाम मीडिया कर्मियों के कैमरे आन थे। सबकुछ लाइव रिकार्ड हो रहा था। अतीक बंधुओं पर चारों तरफ से घेरकर गोली (क्रास फायरिंग) चलाई गई। इसमें एक पुलिस कर्मी, एक मीडिया कर्मी और एक हमलावर भी घायल हो गया। यहां, सबसे बड़ी हैरानी की बात यह है कि उमेशपाल हत्याकांड में फरार चल रही 50 हजार रुपये की इनामिया शाइस्ता परवीन कहां है। क्योंकि वह न तो बेटे (असद) की मौत पर सामने आई और न ही पति (अतीक अहमद) व देवर (अशरफ अहमद) की मौत पर।
शाइस्ता परवीन का पति, बेटे व देवर की मौत पर भी सामने न आना तमाम तरह की शंकाओं को बल दे रहा है। इसके अलावा अभी तक गुड्डू मुस्लिम के बारे में कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है। अशरफ के मुंह से निकले आखिरी शब्द भी गुड्डू मुस्लिम ही थे। ऐसे में आखिर ऐसी क्या बात थी, जिसके बारे में अशरफ कुछ कहना, बताना चाह रहा था। हालांकि अब इस बात की जानकारी अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन के पास हो सकती है, क्योंकि उमेशपाल हत्याकांड में साजिश रचने से लेकर व्यवस्था बनाने तक में शाइस्ता परवीन का नाम सामने आया है। अतीक और अशरफ के जेल जाने के बाद से शाइस्ता परवीन ही अपने सहयोगियों के सहारे सारी व्यवस्थाओं को संभाल रही थी और गुड्डू मुस्लिम को अतीक परिवार का बड़ा राजदार माना जा रहा है।
उमेशपाल हत्याकांड में अब शाइस्ता परवीन और बमबाज गुड्डू मुस्लिम के पकडे जाने का इंतजार है, ताकि कुछ नई जानकारी सामने आ सके। हो सकता है कि गुड्डू मुस्लिम के जरिए अतीक ब्रदर्स की हत्या का राज खोलने में पुलिस कामयाब हो पाए। बताते चलें कि 13 अप्रैल को झांसी में यूपीएसटीएफ से हुई मुठभेड़ में अतीक अहमद के बेटे असद और शूटर गुलाम की मौत हो गई थी। इस वारदात से लोग उबरे भी नहीं थे कि 15 अप्रैल की रात अतीक अहमद और अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई।












