
माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की 15 अप्रैल की रात प्रयागराज में पुलिस कस्टडी में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले को लेकर SIT जांच कर रही है। गुरुवार को कॉल्विन हॉस्पिटल में हत्या का सीन रिक्रिएट किया गया।
उधर, दूसरे दिन की पूछताछ के दौरान तीनों शूटर्स बार-बार नाम और पैसा कमाने की बाद दोहराते रहे। शुक्रवार को पूछताछ का तीसरा दिन है। बताया जा रहा है कि आज तीनों शूटर्स को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी।
8 घंटे की पूछताछ में दी कई जानकारी
आरोपियों की रिमांड मिलने के बाद पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। गुरुवार को पूछताछ के दौरान लवलेश तिवारी ने खुद को कट्टर हिंदूवादी और परशुराम का वंशज बताया। शूटर सनी सिंह ने कहा कि उसका कोई आका नहीं है, वह खुद एक डॉन है।
अरुण ने कबूला कि पानीपत के एक दोस्त ने उसे असलहा दिया था। पुलिस ने अरुण मौर्य से पूछा जीगाना जैसे खतरनाक और कीमती पिस्टल किस दोस्त ने दी? इसका जवाब देते हुए अरुण ने कहा कि मैं नहीं जानता था कि यह इतनी कीमती पिस्टल है, मैं तो इसे अच्छा असलहा भर समझ रहा था, जिससे कोई बचेगा नहीं।
रेलवे स्टेशन के पास होटल में ठहरे थे हमलावर
पूछताछ में पता चला कि तीनों हत्या के 3 दिन पहले यानी 12 अप्रैल को ही प्रयागराज आ गए थे। वह प्रयागराज जंक्शन रेलवे स्टेशन के पास एक होटल में रुके थे। SIT की पूछताछ में लवलेश तिवारी, सनी सिंह और अरुण मौर्य का सुंदर भाटी गैंग से कनेक्शन भी सामने आया है।
सनी सिंह, जितेंद्र गोगी गैंग के संपर्क में था और उससे हथियार लिए थे। हालांकि जांच अधिकारियों की बार-बार की पूछताछ के बाद भी शातिरों ने यह नहीं बताया कि उन्होंने किसके कहने पर हत्याकांड को अंजाम दिया। पुलिस देर रात तक तीनों से पूछताछ करती रही।
अतीक-अशरफ हत्याकांड में कॉन्ट्रैक्ट किलिंग का एंगल:
माफिया अतीक अहमद और अशरफ की हत्या क्यों की गई? लवलेश, सनी और अरुण ने ही आखिर क्यों मारा? हर जुबान पर यही सवाल है। अब इस दोहरे हत्याकांड में सबसे बड़ा एंगल कॉन्ट्रैक्ट किलिंग का आ रहा है। यानी अतीक और अशरफ की हत्या सुपारी देकर करवाई गई है।
इसके साथ ही एक बड़ा सवाल है कि आखिर मकसद क्या था…वर्चस्व, रसूख, आर्थिक साम्राज्य पर कब्जा, गैंग को नई पहचान या फिर कोई राज खुलने का डर। फिलहाल, इसके पीछे जिन गैंग के नाम आ रहे हैं- उनमें प्रयागराज का जैद गैंग, पश्चिमी यूपी का कुख्यात सुंदर भाटी गैंग और तीसरा कोई इंटरनेशनल माफिया है, लेकिन उसका नाम अभी सामने नहीं आया है। ये शक इसलिए है क्योंकि तीनों हमलावरों की अभी तक अतीक से कोई सीधी अदावत सामने नहीं आई है।











