दिल्ली में दो वर्ष में 4 गुना बढ़ा नशे का कारोबार, चौका देगी आपको ये रिपोर्ट

नई दिल्ली (ईएमएस)। राजधानी में नशे का कारोबार गहरी जड़ें जमा जुका है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दो वर्ष पूर्व दिल्ली में जहां नशे के कारोबार के 15 हॉटस्पॉट थे, वहीं अब वह 64 हो गए हैं। दिल्ली पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) द्वारा गत मार्च में किए गए सर्वेक्षण के अनुसार, जामा मस्जिद, छतरपुर, निजामुद्दीन, डीयू का नार्थ कैंपस और मजनूं का टीला मादक पदार्थों की तस्करी के बड़े हाटस्पाट के रूप में सामने आए हैं। सर्वेंक्षण में शामिल रहे अधिकारी ने बताया कि 64 हॉटस्पॉट की पहचान मादक पदार्थों की आपूर्ति और बिक्री में शामिल लोगों की गिरफ्तारी और मादक पदार्थों की बरामदगी के आधार पर की गई थी। सर्वेक्षण से यह भी पता चला है कि दिल्ली-एनसीआर में हेरोइन और गांजा सबसे अधिक बेचे जाते हैं।

पहाड़गंज, हौज खास गांव व खानपुर नए हाटस्पाट से बाहरमई 2021 के सर्वेक्षण में 15 हाटस्पाट में शामिल तीन स्थान पहाड़गंज, हौज खास गांव और खानपुर नए हाटस्पाट से बाहर हुए हैं, लेकिन नए सर्वेक्षण में डीयू नार्थ कैंपस हाट स्पाट के रूप में शामिल हुआ है। दक्षिणी और पश्चिमी दिल्ली के छतरपुर, मोहन गार्डन, नवादा और उत्तम नगर इलाकों में कोकीन और सिंथेटिक ड्रग एमडीएमए अधिक बेचा जाता है। यहां पर ज्यादातर विदेशी तस्करी में शामिल पाए गए। नारकोटिक्स सेल का किया गया कायाकल्पगत वर्ष दिल्ली पुलिस ने एंटी-नारकोटिक्स सेल को बदल कर एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) का नाम दिया। इसमे तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की संख्या 60 से बढ़कर 90 की गई। पहले जहां नारकोटिक्स सेल में एक एसीपी और दो इंस्पेक्टर थे। अब दो एसीपी और पांच इंस्पेक्टर तैनात किए गए हैं।

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