डी.के. को पछाड़ सिद्धारमैया बने ‘किंग’, इस दिन शपथ समारोह !

बेंगलुरु। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही कांग्रेस सीएम पद को लेकर मथापच्ची कर रही थी। लेकिन देर रात कांग्रेस आलाकमान ने करीब-करीब तय कर लिया है कि कर्नाटक का अगला सीएम सिद्धारमैया ही होंगे। जबकि डिप्टी सीएम डी.के. शिवकुमार को बनाया जाएगा। इस बात की आधिकारिक तौर पर आज शाम 7 बजे कांग्रेस पार्टी घोषणा करके, सीएम पद के नाम पर विराम लगा सकती है। बता दें कि, सिद्धारमैया साल 2013 से 2018 तक कांग्रेस की ओर से सीएम का पद संभाल चुके हैं। यह दूसरी बार होगा जब सिद्धारमैया कर्नाटक के मुख्यमंत्री का कमान संभालेंगे।

वहीं सीएम की रेस में कर्नाटक के प्रदेशाध्यक्ष डी.के. शिवकुमार प्रबल दावेदार माने जा रहे थे। लेकिन पिछली बार की तरह इस बार भी सिद्धारमैया बाजी मार ले गए। सूत्रों के मुताबिक, सीएम पद को लेकर पार्टी हाईकमान ने सिद्धारमैया और डी.के. शिवकुमार के आगे कुछ शर्ते रखी हैं। जिसमें ढाई-ढाई साल का अहम फॉर्मूला है। जानकारी के मुताबिक, पहले ढाई साल सिद्धारमैया कर्नाटक के सीएम पद पर बने रहेंगे। इसके बाद के ढाई साल का कार्यकाल डी.के. शिवकुमार का होगा। जबकि पहले ढाई साल के कार्यकाल में डी.के. को कई अहम पद दिया जा सकता है। कहा जा रहा है कि, शिवकुमार ढाई-ढाई फॉर्मूले को लेकर तैयार नहीं थे। लेकिन राहुल गांधी के आग्रह और मान मनौव्वल की वजह से उन्हें आलाकमान के फैसले को मानना पड़ा लेकिन डी.के. ने भी कुछ शर्ते रखी है जिसका खुलासा होना बाकी है।

कब होगा शपथ ग्रहण?

आपको बता दें कि, शपथ ग्रहण 20 तारीख यानी शनिवार को राजधानी बेंगलुरु में होने वाला है। जिसको लेकर तैयारियां शुरू हो गई है। इस शपथ समारोह में राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे तथा अन्य कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मौजूद रहने वाले हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस समारोह में केवल सीएम और डिप्टी सीएम ही शपथ ग्रहण लेंगे। इनके शपथ समारोह के बाद पार्टी विधायक दल की बैठक होगी जिसमें तय किया जाएगा कि किसे मंत्री और कौन सा विभाग देना है।

किसने कितनी सीटें जीती?

कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने 224 सीटों में से 135 सीटें जीती है। जबकि भाजपा 66 सीटों पर ही जीत हासिल कर पाई। वहीं प्रदेश की किंग मेकर कही जाने वाली एच.डी. कुमारस्वामी की पार्टी जेडी(एस) महज 19 सीटें ही अपने नाम कर पाई है। कहा जा रहा है कि इस बार के चुनाव में कांग्रेस पार्टी को जेडी(एस) के कोर वोटर्स ने वोट देकर सत्ता में लाने का काम किया है जिसकी वजह से कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत मिला है।

 

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