बक्से, कार्ड और पंखे के मोटर की सहायता से बना था पहला TV, जानिए कैसे हुआ था आविष्कार

किसी भी अभिव्यक्ति को स्वतंत्रता से लोगों के सामने पेश करने में टेलीविजन का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। टेलीविजन के महत्व को जिंदा रखने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 नवंबर के दिन को सन 1996 में विश्व टेलीविजन दिवस के रूप में घोषित किया था। आज के दौर में टेलीविजन ऐसे पतले अवतार में उपलब्ध है कि हम इसके भारी-भरकम वाले रूप को भूल चुके हैं। करीब 95 साल के पुराने सफर में टेलीविजन में बहुत सारे बदलाव आ गए हैं। आइए जानते हैं किस तरह के जुगाड़ से दुनिया का पहला टेलीविजन बना।

टेलीविजन के अविष्कार से पहले रेडियो का दौर था। ये एक ऐसा दौर था जिसमें बहुत विरोधों के साथ टीवी की शुरुआत हुई थी। सन 1924 में पहला टेलीविजन बनाया गया जिसमें बक्से, कार्ड और पंखे के मोटर का सहायता लिया गया था। स्कॉटलैंड में जन्मे जॉन लोगी बेयर्ड टेलीविजन के आविष्कारक थे। टेलीविजन को कंट्रोल करने के लिए रिमोट का उपयोग किया जाता है जिसका अविष्कार यूजीन पोली ने किया था। सन 1950 में रिमोट कंट्रोल वाला पहला टीवी बाजार में आया और इसका रिमोट तार के जरिए टीवी सेट से जुड़ा होता था। वायरलेस रिमोट कंट्रोल वाले टीवी की शुरुआत सन 1955 में हुई।

टेलीविजन शुरुआती दौर में सादा हुआ करता था। सन 1954 में वेस्टिंगहाउस ने पहला कलर टीवी सेट बनाया। शुरुआत में कलर टीवी के मात्र 500 यूनिट्स ही बनाए गए थे। ज्यादा कीमती होने के कारण कुछ समय तक कलर टीवी आम लोगों के पहुंच से बाहर था। भारत में पहला टीवी कोलकत्ता की एक अमीर नियोगी फैमिली ने खरीदा था। भारत में टेलीविजन का विकास दूरदर्शन के स्थापना के बाद हुई।  दूरदर्शन की स्थापना 15 सितंबर 1959 को हुई थी। आज के समय में टीवी पर न जाने कितने चैनल्स हैं लेकिन शुरुआत में दूरदर्शन ने जितनी लोकप्रियता हासिल की उसे टक्कर दे पाना मुश्किल है। दूरदर्शन का नाम पहले ‘टेलीविजन इंडिया’ था। 1975 में इसका हिंदी नामकरण ‘दूरदर्शन’ के रूप में किया गया हैं।

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