कोलकाता: देश को हिला देने वाले कोलकाता के आरजी कर रेप और हत्या मामले में अब से कुछ देर बाद ही सजा का ऐलान होने वाला है. इस मामले में सियालदह कोर्ट आरोपी संजय रॉय को सजा सुनाएगी. सियालदह कोर्ट पहुंचने के बाद आरोपी संजय रॉय ने खुदको बेकसुर बताया है. सुनवाई के दौरान संजय रॉय कोर्ट के सामने गिड़गिड़ाता हुआ भी दिखा. कोर्ट ने ये साफ कर दिया है कि इस मामले में संजय रॉय दोषी करार दिए जा चुके हैं. उसके खिलाफ तमाम आरोप साबित हो चुके हैं. कोर्ट ने कुछ दिन पहले ही आरोपी संजय रॉय को दोषी करार दिया था.
आपको बता दें कि कोर्ट ने फिलहाल इस मामले में दोपहर 2.45 बजे तक अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. कोर्ट 2.45 के बाद ही इस मामले में दोषी करार दिए गए संजय रॉय के खिलाफ सजा का सुनाएगी. ट्रेनी महिला डॉक्टर का शव अगस्त 2024 में कोलकाता के अस्पताल परिसर में मिला था. विशेष अदालत के न्यायाधीश अनिर्बान दास ने 18 जनवरी को रॉय को दोषी ठहराया था. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को दोपहर लगभग 12 बजे विशेष अदालत की कार्यवाही शुरू हुई. कुछ देर की सुनवाई होने के बाद कोर्ट ने कहा कि इस मामले में हम दोपहर 2.45 बजे फैसला सुनाएंगे.
इस मामले में अधिकतम सजा ‘मत्युदंड’
न्यायाधीश ने 18 जनवरी को पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि इस मामले में अधिकतम सजा ‘मृत्युदंड’, जबकि कम से कम सजा आजीवन कारावास हो सकती है. हालांकि, बलात्कार और हत्या के अपराध के मामले में रॉय के खिलाफ सजा की प्रक्रिया सोमवार को पूरी हो जाएगी. लेकिन मामले में सबूतों से ‘छेड़छाड़’ और ‘बदलाव’ के संबंध में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की जांच अभी भी जारी रहेगी.
सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल करने की गुंजाइश अभी भी खुली
सूत्रों ने बताया कि सीबीआई ने विशेष अदालत को पहले ही सूचित कर दिया है कि सबूतों से छेड़छाड़ के मामले में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल करने की गुंजाइश अभी भी खुली है, तथा इस विशेष पहलू पर मामला लंबित है.
पिछले साल 9 अगस्त को मिला था महिला डॉक्टर का शव
बता दें कि ट्रेनी महिला डॉक्टर का शव पिछले साल 9 अगस्त को सुबह आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के परिसर के सेमिनार हॉल से बरामद किया गया था. मामले की शुरुआती जांच कोलकाता पुलिस की एक विशेष जांच टीम ने की थी, जिसने रॉय को गिरफ्तार किया था. हालांकि, सीबीआई ने अपराध की तारीख के पांच दिन बाद जांच शुरू की और उसके बाद रॉय को शहर की पुलिस ने केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों को सौंप दिया.
11 नवंबर को शुरू हुई थी सुनवाई की प्रक्रिया
इस मामले में सुनवाई की प्रक्रिया पिछले साल 11 नवंबर को शुरू हुई थी. मामले में मुकदमा शुरू होने के 59 दिन बाद फैसला सुनाया जाएगा. अपराध की तारीख से 162 दिनों के बाद दोषसिद्धि की प्रक्रिया पूरी हुई. अब, सजा अपराध की तारीख से ठीक 164 दिन बाद सोमवार को सुनाई जाएगी.