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- 86 दिवसीय काफिला के 75वें पड़ाव पर रेउसा ब्लाक के ग्राम मरखापुर पहुंची सदाचार यात्रा
सेउता-सीतापुर। शाकाहारी, सदाचारी बनाने एवं अध्यात्म की अलख जगाने का संकल्प साधे परम संत बाबा जयगुरुदेव जी महाराज के उत्तराधिकारी संत पंकज कल सायंकाल 86 दिवसीय काफिला के 75वें पड़ाव पर रेउसा ब्लाक के ग्राम मरखापुर पहुंचे। स्थानीय अनुयाइयों ने हर्षोल्लास के साथ आतिशबाजी, गाजे बाजे व फूल मालाओं से उनका भव्य स्वागत किया।
सत्संग सम्बोधन में संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि यह मानव जीवन बड़ा अनमोल है। हमारे आपके घट में जीवात्मा शब्द के सहारे लाकर दोनों आँखों के मध्य बैठा दी गई है। वही पूरे शरीर में चेतना का संचार करती है और जब मृत्यु का समय आता है तो यम के दूत आकर इसी शब्द की डोरी को तोड़ देते हैं और हमारा आप का ये संसार पल भर में समाप्त हो जाता है।
इसी शब्द को ढाई अक्षर भी कहते हैं। ढाई अक्षर ‘प्रेम’ नहीं है। नानक जी ने बताया है कि ‘‘शब्दहिं धरती, शब्द अकासा, शब्दहिं शब्द गगन परकासा, सगली सृष्टि शब्द के पाछे, नानक शब्द घटाघट आछे। सारी सृष्टि की रचना ही शब्द पर आधारित है। सन्त महात्मा धरती पर आकर इसी शब्द को आत्मा से जोड़ने की युक्ति (साधन) बताते हैं और जब मनुष्य अंतर्मुखी साधना (नाम योग साधना) करके जीवात्मा के आंख-कान खोल लेता है तो उसे ब्रह्मसुख की अनुभूति होती है।
महाराज जी ने बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों व धर्मावलम्बियों से अपील किया कि आप सब शाकाहार व नशामुक्ति अभियान में अपना योगदान दें और अपने अपने बच्चों को नशे की गिरफ्त में आने से बचा लें। उनको चरित्रवान तथा संस्कारवान बनायें जिससे समरसता पूर्ण एक अच्छा समाज बन सके। उन्होंने आगामी 13 मार्च से 15 मार्च तक मथुरा जयगुरुदेव आश्रम पर होने वाले होली महापर्व पर आने का निमन्त्रण भी दिया।
सत्संग समारोह की व्यवस्था में स्थानीय पुलिस प्रशासन का भरपूर सहयोग रहा। इस अवसर पर संरक्षक गोपीचन्द, तह0अ0 देशराज, राज किशोर शुक्ला, ग्राम प्रधान बलराम नाग, भगौती प्रसाद अवस्थी, पतिराम, रामेश्वर दयाल, हीरालाल, धर्मराज यादव, अजीत कुशवाहा आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में चन्द्र कुमार मिश्रा बापू जी का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम के बाद जनजागरण यात्रा अगले पड़ाव हेतु ग्राम रेड़हापुरवा के लिये प्रस्थान कर गई।