
जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे हीरानगर क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से पांच आतंकियों की मौजूदगी की सूचना के बाद सुरक्षा बलों ने अपनी चौकसी बढ़ा दी है। तीन दिन बीत जाने के बाद भी आतंकियों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है, लेकिन तलाशी अभियान जारी है।
मंगलवार को जंगल में तलाशी के दौरान एक चीनी ग्रेनेड बरामद किया गया। यही नहीं, आज सुबह जंगल में एक संदिग्ध वायरलेस संदेश पकड़े जाने के बाद यह चेतावनी मिली है कि आतंकियों के उसी क्षेत्र में अभी भी छिपे होने की आशंका है।
कठुआ जिला इस समय पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। सुरक्षा बलों ने घने जंगल पर नजर रखने के लिए हेलीकॉप्टर का सहारा लिया है। इसके अलावा खोजी कुत्तों, ड्रोन और मानव रहित हवाई वाहनों को भी तालाश अभियान में शामिल किया गया है।
मंगलवार को ही कठुआ के क्षेत्र में सात संदिग्ध व्यक्तियों को भी देखा गया है। सुरक्षा एजेंसियों को इस संदिग्ध गतिविधि के बाद अतिरिक्त सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को मिले इनपुट के अनुसार, आतंकियों के दो समूह ने शनिवार को इस इलाके में घुसपैठ की थी, जिसके बाद से सुरक्षा बलों ने सघन तलाशी अभियान चला रखा है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच, पुलिस प्रमुख (DGP) ने खुद AK 47 लेकर तालाशी अभियान में भाग लिया, जिससे सुरक्षा बलों के प्रति स्थानीय लोगों में विश्वास बढ़ा है। सरकार और सुरक्षा बल इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहे हैं।