यूपी में नीले ड्रम पर सियासत : डिप्टी सीएम को मिला ऐसा गिफ्ट कि सब रह गए दंग!
Dainik Bhaskar
मेरठ में हुए सौरभ हत्याकांड के बाद से नीला ड्रम खौफ का पर्याय बना हुआ है, और अब इसकी सियासत में भी एंट्री हो चुकी है. मामला उत्तर प्रदेश का है जहां समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रवक्ता दीपक रंजन ने राज्य के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को ‘नीला ड्रम’ गिफ्ट किया. यह घटना लखनऊ के ‘लंतरानी हास्य उत्सव’ के दौरान हुई और तुरंत ही चर्चा का विषय बन गई.
लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर नीला ड्रम क्यों?
मेरठ मर्डर केस से कनेक्शन
यह नीला ड्रम हाल ही में मेरठ में हुए एक सनसनीखेज मर्डर केस से जुड़ा है, जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया. मर्चेंट नेवी के अधिकारी सौरभ राजपूत की पत्नी मुस्कान रस्तोगी ने अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी थी. हत्या के बाद सौरभ के शरीर के टुकड़े किए गए और उन्हें नीले प्लास्टिक के ड्रम में डालकर सीमेंट से सील कर दिया गया ताकि किसी को शक न हो. यह घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर नीला ड्रम चर्चा का विषय बन गया और इससे जुड़े मीम्स और पोस्ट्स की बाढ़ आ गई.
A Samajwadi party spokesperson presented a blue drum to UP CM Brajesh Pathak at an event in Lucknow yesterday. pic.twitter.com/MGTduEBzKn
सपा नेता दीपक रंजन ने ड्रम गिफ्ट कर उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए. उन्होंने यह इशारा किया कि राज्य में अपराध बढ़ रहे हैं और सरकार इसे रोकने में नाकाम है.
जैसे ही यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई, लोगों ने इसे लेकर मजेदार और व्यंग्यात्मक कमेंट्स करने शुरू कर दिए. एक यूजर ने लिखा, मानसिक स्थिति क्या रही होगी लेने और देने वाले की. तो वहीं एक अन्य ने माजाकिया लहजे में सवाल उठाते हुए लिखा, क्या ड्रम खरीदने वाले ने लेने से पहले अपना आधार कार्ड दिखाया था. एक यूजर को तो कुणाल कामरा की याद आ गई.
‘नीला ड्रम’ बना खौफ का प्रतीक!
मेरठ हत्याकांड के बाद अब “नीला ड्रम” लोगों के मन में एक डरावनी छवि बना चुका है. सोशल मीडिया पर इससे जुड़े कई वीडियो वायरल हो रहे हैं. अलीगढ़ और मेरठ में ड्रम की बिक्री घट गई है, क्योंकि लोग अब इसे अपराध से जोड़कर देखने लगे हैं. ड्रम बेचने वाले दुकानदार परेशान हैं. मेरठ मर्डर केस के आरोपी मुस्कान और साहिल जेल में हैं, लेकिन यह घटना अभी भी चर्चा में बनी हुई है. राजनीति से लेकर सोशल मीडिया तक, यह मामला लोगों की दिलचस्पी का केंद्र बना हुआ है.