काउंटडाउन शुरू : कुछ महीनों में देश की दौड़ेगी पहली बुलेट ट्रेन, प्लेन की तरह होगी रफ्तार….जानें खासियतें

नई दिल्ली । भारत में इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर को दुरुस्‍त करने पर लगातार काम चल रहा है। खासकर रेल और रोड प्रोजेक्‍ट्स पर लाखों करोड़ का निवेश हो रहा है। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्‍ट उनमें से एक है। इसका काम तेजी से चल रहा है और आने वाले कुछ महीनों में देश की पहली बुलेट ट्रेन पटरियों पर दौड़ती नजर आ सकती है। इस बीच हाईस्‍पीड ट्रेन को लेकर सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो भारत में नेक्‍स्‍ट जेनरेशन बुलेट ट्रेन का प्रोडक्‍शन भी शुरू हो सकता है।

भारत इसके लिए जापान के साथ समझौता कर सकता है। बता दें पीएम मोदी दो दिवसीय जापानी यात्रा पर हैं और इस दौरान दोनों देशों के बीच ई-10 शिंकानसेन बुलेट ट्रेन की भारत में मैन्‍यूफैक्‍चरिंग पर समझौता होने की उम्‍मीद है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भारत और जापान जल्द ही मिलकर अगली पीढ़ी की ई-10 शिंकानसेन बुलेट ट्रेन का निर्माण कर सकते हैं। पीएम मोदी की दो दिवसीय जापान यात्रा में इसका औपचारिक ऐलान किया जा सकता है। मामले से जुड़े लोगों ने बताया कि दोनों देशों के बीच इस साझेदारी पर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है।

ई-10 शिंकानसेन को जापान की अल्फा-एक्स से विकसित किया गया है और इसे भारतीय परिस्थितियों के हिसाब से विशेष रूप से तैयार किया जाएगा। यह पहल भारत-जापान के बीच पहले से चल रहे अहमदाबाद-मुंबई हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट को और मजबूती देगी। यह प्रोजेक्ट कुल 508 किलोमीटर लंबा है और इसका पहला 50 किलोमीटर का खंड 2027 तक गुजरात में शुरू हो सकता है, जबकि पूरा प्रोजेक्ट 2029 तक पूरा होगा।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह साझेदारी करीब चार दशक पहले शुरू हुई मारुति-सुजुकी जॉइंट वेंचर की तरह ऐतिहासिक साबित हो सकती है। फर्क सिर्फ इतना है कि इस प्रोजेक्ट का पैमाना और रणनीतिक महत्व कहीं ज्यादा है। ई-10 शिंकानसेन की अधिकतम रफ्तार 400 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जबकि भारत के लिए पहले ई-5 शिंकानसेन 320 किमी/घंटा का विकल्प तय था। पीएम मोदी की विशेष दिलचस्पी और जापानी नेतृत्व से संबंधों के चलते भारत को नवीनतम तकनीक का लाभ मिलने जा रहा है।

इस प्रोजेक्ट से न केवल भारत की तेज़ी से बढ़ती परिवहन ज़रूरतों को पूरा किया जाएगा, बल्कि यहां बनी ट्रेनों की आपूर्ति अन्‍य देशों में भी की सकेगी। भारत की किफायती मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और जापान की विश्वस्तरीय तकनीक और गुणवत्ता इसे एक्सीलेंस प्रोजेक्ट बना सकता है। पीएम मोदी अपने जापानी समकक्ष शिगेरू इशिबा के साथ वार्षिक शिखर सम्मेलन और बिज़नेस फोरम में शामिल होंगे। अगले दिन दोनों पीएम शिंकानसेन से यात्रा कर सेनदाई जाएंगे, जहां वे एक सेमीकंडक्टर फैक्ट्री का दौरा करेंगे और जापानी प्रांतों के गवर्नरों से मुलाकात करेंगे।

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