
मेरठ: सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में दलित महिला की हत्या और उसकी 20 वर्षीय बेटी के अपहरण की घटना में नया मोड़ आ गया है. तनाव और हंगामे के बीच शनिवार देर शाम पुलिस ने फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. साथ ही युवती को भी बरामद कर लिया है.
एसएसपी डॉक्टर विपिन ताड़ा ने बताया कि इलेक्ट्रोनिक सर्विलांस और अन्य माध्यमों से पुलिस को सफलता मिली है. इस मामले में पुलिस पड़ताल कर रही है और पूछताछ की जा रही है. किसी को भी माहौल खराब करने की इजाजत नहीं दी जाएगी.
एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने बताया कि पुलिस की टीम ने अपहरण के आरोपी पारस सोम को हरिद्वार से गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने अपहृत लड़की को भी सुरक्षित बरामद कर लिया. इसके बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया. एसएसपी ने बताया कि वारदात के बाद दो पुलिस अधीक्षकों के नेतृत्व में कुल 12 पुलिस टीमों का गठन किया गया था. युवती और आरोपी को खोजने के लिए 4 राज्यों और 7 जिलों में व्यापक स्तर पर सघन अभियान चलाया गया था. आरोपी पारस को पकड़ने में 60 घंटे लग गए. परिजनों को सुरक्षा व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई.
गौरतलब है कि कपसाड़ गांव के मनदीप ने बताया था कि 8 जनवरी को रोजाना की तरह मां सुनीता और बहन रूबी (20) जंगल की तरफ जा रही थीं. तभी गांव का ही रहने वाला पारस सोम वहां पहुंचा और बहन को किडनैप करने लगा. मां जब इसका विरोध किया तो उसने धारदार हथियार से मां पर हमला कर दिया. इसके बाद अस्पताल में सुनीता की मौत हो गई. सुनीता की मौत के बाद गांव में तनाव पैदा हो गया और राजनीति भी शुरू हो गई.
करीब 50 घंटे से ज्यादा का वक्त गुजरने के बाद युवती और युवक का सुराग नहीं मिलने पर लोग आक्रोशित हो उठे थे. जिसके कारण गांव में फोर्स तैनात किया गया है. वहीं, विपक्षी दलों के नेताओं के गांव पहुंचने की जानकारी मिलने से शासन-प्रशासन अलर्ट है. गांव में आने वाले नेताओं को टोल प्लाजा पर ही पुलिस प्रशासन रोक रहा है, जिसको लेकर लगातार हंगामा जारी है.
गांव में प्रवेश बंदः वहीं, आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस अधीक्षक ने 200 से अधिक पुलिसकर्मियों की 10 टीमें गठित की है. गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए बेरीकेट लगाकर गांव के बाहर ही लोगों को रोक रही है. कपसाड़ गांव की तरफ जाने वाले सभी रास्ते बंद कर दिए हैं. गांव के हर रास्ते पर पुलिस और आरएएफ की टीम का पहरा है. किसी भी दल के नेता या समाजिक कार्यकरता को गांव मे जाने की इजाजत नही दी जा रही है.
कांग्रेस डेलिगेशन को गांव में घुसने नहीं दियाः आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर की कपसाड़ आने की सूचनी थी. जिसके बाद से पुलिस प्रशासन अलर्ट है. कपसाड़ गांव की तरफ जाने वाले हर व्यक्ति की पुलिस तलाशी ले रही है. वहीं, कांग्रेस का एक डेलीगेशन पीड़ित दलित परिवार से मिलने मेरठ पहुंचा था. डेलीगेशन जैसे ही कपसाड़ गांव के नजदीक पहुंचा पुलिस ने गांव में प्रवेश करने से रोक दिया. प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने पीड़ित परिवार से मिलने की बहुत कोशिश की, लेकिन प्रशासन ने उन्हें गांव में घुसने नही दिया. जिससे उनमें रोष देखा गया.
इस संबंध में कांग्रेस कमेटी विधि विभाग के चेयरमैन अली आसिफ जमा रिज़वी के ने बताया कि प्रतिनिधि मंडल कपसाड़ गांव पीड़ित दलित परिवार से मिलने गया था, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया. डेलीगेशन में शामिल मनोज राय, आलोक कुमार, सविता गौतम और किरन शर्मा शामिल ने बताया कि पीड़ित परिवारजनों को सांत्वना देने और घटना के संबंध में पूरी जानकारी प्राप्त करने और कानूनी कार्यवाही में पीड़ित परिवार की मदद करने के लिए गए थे. जिसकी जानकारी पहले ही अधिकारियों को दी गई थी, इसके बावजूद भी पीड़ित परिवार से मिलने नहीं दिया गया. जो पूरी तरह से निंदनीय है.
बुलडोजर एक्शन की मांगः सपा नेता और भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने प्रदेश सरकार से आरोपी के खिलाफ बुलडोजर एक्शन की मांग की है. सत्ता पक्ष से ताल्लुक रखने वाले नेताओं ने भी इस घटना पर दुख जताते हुए इसे घिनोना कृत्य करार दिया है. वहीं, कुछ नेताओं का कहना है कि विपक्ष इसे तूल देने की कोशिश कर रहा है. बता दें कि बीते शाम पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में मृतक महिला का अंतिम संस्कार कर दिया गया वयुवती का अब भी कोई सुराग नहीं मिस सका है, पुलिस ने इस मामले में 6 लोगों को डिटेन किया है, लेकिन अभी तक पुलिस हत्यारे को नही पकड़ पाई है.
नगीना सांसद चंद्रशेखर पहुंचे मेरठ, पुलिस ने रोका: नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद शनिवार को मेरठ पहुंचे. उन्हें पुलिस ने काशी टोल प्लाजा पर रोक लिया. एसपी ट्रैफिक राघवेंद्र मिश्रा ने उन्हें आगे नहीं जाने दिया तो पार्टी कार्यकर्ता भड़क गए. सांसद चंद्र शेखर कपसाड़ जाने की जिद पर अड़े थे. टोल प्लाजा पर ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों का भी जमावड़ा है. बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किये गए थे.











