
Weather News,: उत्तर प्रदेश में बीते कई दिनों से जारी कड़ाके की ठंड, शीतलहर और पाले से लोगों को अब राहत मिलने वाली है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश में न्यूनतम तापमान में क्रमिक बढ़ोतरी शुरू हो गई है। इसके चलते आज से शीतलहर और पाले के असर में कमी आने की संभावना है। हालांकि इसके साथ ही सुबह और देर रात कोहरे की तीव्रता और क्षेत्रफल में वृद्धि हो सकती है।
प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बीते दिनों रात के तापमान में आई तेज गिरावट के कारण शीतलहर का प्रकोप बना रहा। विशेष रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, मुरादाबाद और रुहेलखण्ड मंडलों में रात के समय शीतलहर की स्थिति बनी रही। मौसम विभाग का कहना है कि इन क्षेत्रों में आने वाली रात तक शीतलहर का असर कुछ हद तक बना रह सकता है और कहीं-कहीं पाला पड़ने की भी संभावना है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने और आगामी दो नए पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से प्रदेश के न्यूनतम तापमान में अगले पांच से छह दिनों के दौरान चार से छह डिग्री सेल्सियस तक की क्रमिक वृद्धि दर्ज की जा सकती है। इसी तापमान वृद्धि के कारण 15 जनवरी से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जारी शीतलहर के दौर से धीरे-धीरे निजात मिलने की संभावना है।
हालांकि शीतलहर से राहत के साथ प्रदेशभर में कोहरे की समस्या बढ़ सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 15 जनवरी के बाद सुबह के समय घना कोहरा छाने की संभावना बढ़ जाएगी। खासकर तराई क्षेत्रों, पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश में दृश्यता कम रहने की आशंका है। इससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है। दिन चढ़ने के साथ कोहरा धीरे-धीरे छंटने की संभावना है, जिससे दिन में मौसम अपेक्षाकृत साफ और खुशनुमा बना रह सकता है। धूप निकलने से लोगों को ठंड से कुछ राहत मिलेगी और दैनिक गतिविधियों में भी सुधार आएगा।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार तापमान में बढ़ोतरी और कोहरे की स्थिति फसलों पर मिश्रित प्रभाव डाल सकती है। रबी की फसलों, विशेषकर गेहूं, सरसों और आलू की फसल के लिए पाला नुकसानदायक हो सकता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में पाले की संभावना को देखते हुए किसानों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों ने खेतों में हल्की सिंचाई, धुआं करने और आवश्यक कृषि उपाय अपनाने की सिफारिश की है। मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि आगामी दो पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से 19 जनवरी से मौसम में एक और बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 19 जनवरी से कहीं-कहीं बूंदाबांदी के साथ हल्की से मध्यम बारिश शुरू होने की संभावना है। यह बारिश धीरे-धीरे प्रदेश के अन्य हिस्सों की ओर बढ़ सकती है।
बारिश के चलते तापमान में अस्थायी गिरावट आ सकती है, लेकिन इससे पहले बढ़े हुए न्यूनतम तापमान के कारण ठंड का असर पहले की तुलना में कम महसूस होगा। बारिश से वायु गुणवत्ता में सुधार होने की भी संभावना जताई जा रही है, जिससे प्रदूषण से राहत मिल सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने मौसम में इस बदलाव को देखते हुए बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। कोहरे और नमी के कारण सर्दी, खांसी, जुकाम और सांस संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। सुबह और रात के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की अपील की गई है।
यातायात विभाग ने भी कोहरे के मद्देनजर वाहन चालकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। हाईवे और एक्सप्रेसवे पर वाहन चलाते समय फॉग लाइट का प्रयोग करने, धीमी गति रखने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की हिदायत दी गई है। रेलवे प्रशासन ने भी संभावित कोहरे को देखते हुए ट्रेनों के संचालन पर नजर रखने की बात कही है।
कुल मिलाकर, प्रदेश में 15 जनवरी (आज) से शीतलहर और पाले से राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन इसके साथ कोहरे की चुनौती बढ़ेगी। 19 जनवरी से संभावित बारिश मौसम को और बदल देगी। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी अलर्ट जारी किए जाएंगे। आने वाले दिनों में मौसम के इस बदलते मिजाज को देखते हुए आमजन, किसान और प्रशासन सभी को सतर्क रहने की जरूरत है। ठंड से राहत भले ही मिल रही हो, लेकिन कोहरा और बारिश नई चुनौतियां लेकर आ सकती हैं।










