
लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने सोमवार को नोएडा की घटना का संज्ञान लेते हुए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने युवराज मेहता की मृत्यु के प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए घटना की जांच के लिए ADG जोन मेरठ के नेतृत्व में 3 सदस्यीय SIT की टीम गठित किया है। टीम में ADG जोन मेरठ के अलावा मंडलायुक्त मेरठ और चीफ इंजीनियर PWD भी शामिल हैं। अधिकारियों की यह टीम 5 दिनों में मामले की जांच कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष रिपोर्ट सौंपेगी।
इसके साथ ही, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि पूरे राज्य में दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर उसका त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। इस प्रकार की कोई घटना प्रदेश में दोबारा न हो, इसे हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।
उल्लेखनीय है कि यह घटना 16 जनवरी की रात करीब 12 बजे की है। इंजीनियर युवराज गुरुग्राम में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम करता था और वह सेक्टर-150 की टाटा सोसाइटी की ओर जा रहा था। इस दौरान अचानक गाड़ी एक गहरे पानी भरे नाले में जा गिरी जिससे युवक की मौत हो गई। मुख्यमंत्री योगी ने शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की है।
सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत का मामला: एसडीएम सदर पहुंचे घटनास्थल पर
नोएडा के सेक्टर-150 स्थित बेसमेंट में गिरने के कारण सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के मामले जानकारी के लिए सोमवार दोपहर को एसडीएम सदर आशुतोष गुप्ता भी मौके पर पहुंचे। इस दौरान जैसे ही मीडिया को इसकी जानकारी हुई। वह मीडिया के कैमरे से घिर गए। जब उनसे पूछा गया कि क्या प्राधिकरण की लापरवाही से हादसा हुआ है तो वह चुप हो गए । उन्होंने कहा है कि घटना दुखद है। जिसकी जांच हो रही है। वहीं हादसे के तीन बाद भी युवराज की कार अभी भी बेसमेंट के उस गड्ढे में फंसी हुई है। जिसमें पानी भरा है। बेसमेंट जमा पानी का स्तर बढ़ने के बजाए घट रहा है। वहीं मामले में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, दमकल ने पानी में डूबी कार को निकालने से मना कर दिया है। सभी विभागों का कहना है कि उनका काम जिंदा व्यक्ति को बचाना है। डूबी हुई कार को निकालना नहीं। इसकी जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस की है।
नोएडा प्राधिकरण द्वारा पहले बेसमेंट और गड्ढे से पानी निकालने के लिए पंप लगाए जाने की तैयारी की जा रही है। पानी पूरी तरह निकलने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम कार को बाहर निकालने की कार्रवाई करेगी। पुलिस की ओर से नोएडा प्राधिकरण को कहा गया है कि नाले में जिन नालों से पानी आ रही है। पहले उसे बंद कराया जाए। साथ ही डूबी हुई कार को निकालने के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाए।
मामले में युवराज मेहता के पिता ने सोमवार को हरिद्वार जाकर अस्थि विसर्जन किया। इस दौरान उनके साथ परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। पिता का कहना है कि मामले में लापरवाही अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।










