
नोएडा: ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में 16 जनवरी को इंजीनियर युवराज की संदिग्ध मौत के मामले में जांच तेज हो गई है। पुलिस ने इस प्रकरण में दोनों बिल्डरों के खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज की है। इस नई एफआईआर में कुल पांच लोगों को नामजद किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, यह मामला पर्यावरण संरक्षण और जल प्रदूषण निवारण अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है। नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र में दर्ज इस केस में बिल्डर अभय कुमार, मनोज कुमार, संजय कुमार, अचल वोहरा और निर्मल को आरोपी बनाया गया है। यह एफआईआर लोटस ग्रीन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड और विजटाउन प्रोजेक्ट से जुड़े भागीदारों के खिलाफ दर्ज हुई है।
युवराज की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए कौन-कौन जिम्मेदार है, इसकी जांच के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पहले ही एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था। मंगलवार को एसआईटी ने नोएडा प्राधिकरण में अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसके बाद टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण भी किया।
बुधवार को एसआईटी ने नोएडा अथॉरिटी, पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ एक और बैठक की। इसके बाद एसआईटी ने तीनों संस्थाओं से पांच अहम सवालों के लिखित जवाब मांगे हैं। ये सवाल उस प्लॉट से जुड़े हैं, जहां युवराज की कार डूबी थी। सूत्रों के अनुसार, प्राधिकरण से यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि सेक्टर-150 हादसे के बाद क्या कार्रवाई की गई और शहर में ऐसे कितने अन्य खतरनाक स्थान मौजूद हैं। जांच एजेंसी इन जवाबों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।










