
रामपुर: उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के बहुचर्चित और दिल दहला देने वाले पायल उर्फ जैनब हत्याकांड में 8 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार इंसाफ हो गया है। मंगलवार को अदालत ने इस जघन्य अपराध में मुख्य आरोपी मंगेतर और उसके पिता समेत सभी छह दोषियों को आजीवन कारावास की कठोर सजा सुनाई है। कोर्ट ने सभी दोषियों पर 35-35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। फैसला आते ही मृतका के परिजनों की आंखें नम हो गईं।
प्यार, धोखा और खौफनाक साजिश
यह पूरा मामला साल 2018 का है, जब पायल उर्फ जैनब की निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई थी। पायल का रिश्ता मुख्य आरोपी जहांगीर के साथ तय हुआ था, लेकिन जहांगीर का दिल किसी और लड़की पर आ गया था। इसी वजह से उसने पायल से दूरियां बनानी शुरू कर दीं। जब पायल को अपने मंगेतर के इस धोखे की भनक लगी तो उसने इसका विरोध किया। इसी बात को लेकर दोनों में अक्सर कहासुनी होने लगी। पायल को रास्ते से हटाने के लिए जहांगीर ने अपने पिता ताहिर और साथी इमरोज, निसार, प्रभजीत उर्फ सागर और दानिश के साथ मिलकर एक खौफनाक साजिश रच डाली।
11 दिन बाद फार्महाउस में 3 टुकड़ों में मिला था शव
जिला शासकीय अधिवक्ता अमित कुमार सक्सेना के अनुसार, पायल एक दिन अपनी सहेली के घर जाने की बात कहकर घर से निकली थी, लेकिन जब वह देर रात तक वापस नहीं लौटी तो परिवार की चिंता बढ़ गई। उन्होंने हर जगह तलाश की लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला, जिसके बाद थाना गंज में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। परिवार और पुलिस की तलाश 11 दिनों तक जारी रही। इसके बाद जो सच सामने आया, उसने हर किसी की रूह कंपा दी। पुलिस ने मुख्य आरोपी जहांगीर के फार्महाउस से पायल का शव बरामद किया, जिसे हत्यारों ने बेरहमी से तीन टुकड़ों में काट दिया था।
इस मामले में अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए ठोस सबूतों और गवाहों के आधार पर अदालत ने 22 जनवरी को ही सभी छह आरोपियों को दोषी करार दे दिया था। मंगलवार को सजा पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इसे एक जघन्य अपराध मानते हुए सभी दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई, जिसके बाद सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।










