अजित दादा की अंतिम विदाई को उमड़ा जनसैलाब, जानें कब और कहां होगा अंतिम संस्कार…देखें VIDEO

महाराष्ट्र की राजनीति के आसमान से आज वह ध्रुव तारा टूट गया, जिसकी चमक दशकों से सियासत को दिशा देती थी। एक दर्दनाक विमान हादसे ने प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और बारामती के ‘बेटे’ अजित पवार को हमेशा के लिए छीन लिया। बुधवार सुबह जैसे ही यह खबर आई कि अजित पवार का विमान क्रैश हो गया है, पूरे महाराष्ट्र में शोक की लहर दौड़ गई। मुंबई से लेकर दिल्ली तक, हर कोई स्तब्ध रह गया और सारे रास्ते बारामती की ओर मुड़ गए, जहाँ ‘दादा’ का पार्थिव शरीर लाया गया है।

आंसुओं के सैलाब में डूबी बारामती

शाम होते-होते बारामती में पवार परिवार के सदस्यों, एनसीपी कार्यकर्ताओं और हजारों आम लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। हर आंख नम थी और हर चेहरे पर अपने नेता को खोने का मातम पसरा था। अजित पवार के चाचा शरद पवार, चचेरी बहन सुप्रिया सुले, पत्नी सुनेत्रा पवार और दोनों बेटे इस असहनीय दुख की घड़ी में एक दूसरे को संभालते नजर आए। बारामती का विद्या प्रतिष्ठान मैदान, जहां कभी दादा की चुनावी सभाएं गूंजती थीं, आज वहां गम का समंदर पसरा है।

कल 11 बजे पंचतत्व में विलीन होंगे ‘दादा’

महाराष्ट्र के लाडले ‘दादा’ का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शनों के लिए बारामती के विद्या प्रतिष्ठान मैदान में रखा गया है, जहां हजारों लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे हैं। उनका अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह 11 बजे पूरे राजकीय सम्मान के साथ इसी मैदान पर किया जाएगा। एनसीपी नेता किरण गुजर ने बताया कि अंतिम यात्रा सुबह 9 बजे गदिमा सभागार से शुरू होगी, जो मुख्य मैदान तक पहुंचेगी, जहां अजित पवार पंचतत्व में विलीन हो जाएंगे।

अमित शाह से लेकर उद्धव-राज तक, अंतिम विदाई देने जुटेंगे दिग्गज

अपने दोस्त, साथी और एक करिश्माई नेता को अंतिम विदाई देने के लिए देश और प्रदेश के तमाम बड़े नेता बारामती पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बारामती पहुंच चुके हैं। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ-साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन भी अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। महाराष्ट्र की राजनीति के दो बड़े चेहरे, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे भी अजित पवार को श्रद्धांजलि देने बारामती आएंगे।

3 दिन का राजकीय शोक, जहां थे ‘शासन’, वहीं होंगे विलीन

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बारामती पहुंचकर तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। गुरुवार को क्षेत्र के सभी स्कूलों में अवकाश रहेगा। यह बारामती के लिए एक युग का अंत है। यह वो गढ़ था, जहां ‘दादा’ के शब्द ही ‘शासन’ हुआ करते थे। जिस मिट्टी पर खेलकर वह बड़े हुए, जिस क्षेत्र को उन्होंने अपने खून-पसीने से सींचा और विकास का पर्याय बनाया, अब उसी बारामती की मिट्टी में अजित पवार हमेशा के लिए विलीन हो जाएंगे। 

 

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