
नई दिल्ली: जो हाथ देश के दुश्मनों से लड़ने के लिए फौलादी हथियार उठाते थे, उन्हें क्या पता था कि घर के अंदर ही एक हैवान उसका इंतजार कर रहा है. दिल्ली पुलिस की जांबाज SWAT कमांडो काजल की हत्या की कहानी किसी के भी दिल को दहला देने के लिए काफी है. उसका कत्ल किसी पेशेवर मुजरिम ने नहीं, बल्कि उसी शख्स ने किया, जिसके साथ उसने सात जन्मों तक साथ निभाने की कसमें खाई थीं. कातिल और कोई नहीं, उसका पति अंकुर है, जिसने दहेज के लालच में न सिर्फ अपनी पत्नी की जान ली, बल्कि अपनी अजन्मी संतान को भी कोख में ही मार डाला.
कौन थी जांबाज कमांडो काजल?
सोनीपत के गन्नौर स्थित ‘बड़ी’ गांव की 27 वर्षीय काजल हौसले और हिम्मत की मिसाल थी. एक साधारण किसान परिवार की बेटी ने अपनी मेहनत के दम पर 2022 में दिल्ली पुलिस में भर्ती होकर दिखाया. अपनी असाधारण काबिलियत के चलते उसे दिल्ली पुलिस की सबसे खतरनाक यूनिट SWAT में जगह मिली. गांव की गलियों से निकलकर देश की राजधानी की सुरक्षा करने वाली इस बेटी पर हर किसी को नाज था. लेकिन दुर्भाग्य देखिए, जो काजल अपराधियों से लड़ने के लिए प्रशिक्षित थी, वह अपने ही घर में हो रही हिंसा से खुद को नहीं बचा सकी.
प्यार, शादी और 15 दिन में टूटा सपना
काजल की मुलाकात रक्षा मंत्रालय में क्लर्क के पद पर तैनात अंकुर से 2022 में कॉलेज की पढ़ाई के दौरान हुई. प्यार हुआ और 2023 में परिवार की रजामंदी से दोनों ने शादी कर ली. यह एक खूबसूरत लव मैरिज थी, लेकिन इस रिश्ते पर दहेज के दानव की नजर लग चुकी थी. परिजनों का आरोप है कि शादी के महज 15 दिन बाद ही ससुराल वालों ने गाड़ी और पैसों के लिए काजल को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया.
जुल्मों की वो खूनी रात
प्रताड़ना का यह सिलसिला ताने-उलाहनों से शुरू होकर मारपीट तक पहुंच गया. हालात इतने खराब हो गए कि 2024 में काजल दिल्ली में अलग फ्लैट लेकर रहने लगी. वह चार महीने की गर्भवती थी और अपने रिश्ते और करियर दोनों को बचाने की जद्दोजहद कर रही थी. लेकिन 22 जनवरी, 2026 की रात उसके पति अंकुर के सिर पर खून सवार था. पुलिस के अनुसार, उसने पहले काजल का सिर दरवाजे की चौखट पर मारा और फिर लोहे के डंबल से उसके सिर पर बेरहमी से वार किए.
एक नहीं, दो कत्ल का गुनाह
अंकुर ने काजल को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया, जहां वह कई दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझती रही. आखिरकार 27 जनवरी को काजल यह जंग हार गई. उसकी मौत के साथ ही उसके गर्भ में पल रहे चार महीने के बच्चे की भी सांसें थम गईं. पुलिस ने मौका-ए-वारदात से खून से सना डंबल और अन्य सबूत बरामद कर लिए हैं. हत्या के प्रयास का मामला अब हत्या में तब्दील हो चुका है और दिल्ली पुलिस ने आरोपी पति अंकुर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
तिरंगे में लिपटी लौटी बेटी, इंसाफ का इंतजार
जिस बेटी को गांव ने वर्दी में देखकर सलाम किया था, आज वही तिरंगे में लिपटी हुई लौटी तो हर आंख नम हो गई. पूरे राजकीय सम्मान के साथ काजल को अंतिम विदाई दी गई. काजल की मौत ने दहेज और घरेलू हिंसा जैसे मुद्दों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर एक पढ़ी-लिखी और आत्मनिर्भर महिला भी अपने ही घर में सुरक्षित क्यों नहीं है. पूरा देश अब बस यही जानना चाहता है कि काजल और उसके अजन्मे बच्चे को इंसाफ कब मिलेगा.












