
गाजियाबाद। तीन नाबालिग बहनों की मौत के मामले में हर पल एक नई और चौंकाने वाली परत खुल रही है। अब इस केस में एक ऐसा पारिवारिक एंगल सामने आया है, जिसने जांच की दिशा ही बदल दी है। पुलिस को पता चला है कि बच्चियों के पिता ने दो शादियां की थीं और पूरा परिवार एक साथ एक ही छत के नीचे रहता था। घर की चारदीवारी में पनप रही उलझनें, बच्चियों का दो साल से स्कूल न जाना और कोरियन कल्चर का गहरा प्रभाव, इन सबने मिलकर एक ऐसी दर्दनाक कहानी लिख दी, जिसका अंत 9वीं मंजिल से कूदकर हुआ।
एक घर, दो मां और उलझी कहानी
जांच में सामने आया है कि बच्चियों के पिता ने पहली शादी के बाद संतान न होने पर अपनी साली से ही दूसरी शादी कर ली थी। किस्मत का खेल देखिए, दूसरी शादी से तीन बच्चे हुए तो पहली पत्नी से भी दो बच्चों ने जन्म ले लिया। इस तरह एक ही घर में दो सगी बहनें सौतन बनकर रह रही थीं और उनके पांच बच्चे एक साथ पल रहे थे। जिन तीन बहनों ने मौत को गले लगाया, उनमें दो दूसरी पत्नी की और एक पहली पत्नी की बेटी थी। बाहरी दुनिया के लिए यह एक सामान्य परिवार था, लेकिन अंदर ही अंदर क्या चल रहा था, इसका किसी को अंदाजा नहीं हुआ।
स्कूल से दूरी, मोबाइल में डूबी दुनिया
सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि तीनों बहनें पिछले दो साल से स्कूल नहीं जा रही थीं। परिवार ने बताया कि वे पढ़ाई में कमजोर थीं, इसलिए उन्हें घर पर ही रखा गया था। स्कूल और दोस्तों से कटकर उनकी दुनिया मोबाइल स्क्रीन में सिमट गई थी। इसी मोबाइल ने उन्हें कोरियन कल्चर और उस खतरनाक ऑनलाइन दुनिया से जोड़ा, जिसे अब उनकी मौत की वजह माना जा रहा है। घटना के बाद से पिता कैमरे के सामने आने से बच रहे हैं, उन्होंने बस इतना कहा कि “कल आखिरी टास्क था, यह बात मुझे भी अब पता चली है।”
50 टास्क वाला खतरनाक खेल
पुलिस को शक है कि बच्चियां किसी 50 टास्क वाले ऑनलाइन गेम या चैलेंज का हिस्सा थीं। घटना वाले दिन इस खेल का आखिरी और 50वां टास्क पूरा किया जाना था। जांचकर्ताओं को आशंका है कि तीनों बहनों में से बीच वाली इस ग्रुप की लीडर थी और बाकी दोनों उसके निर्देशों का पालन करती थीं। उनका हर काम साथ करना, एक साथ रहना भी शायद किसी टास्क का ही हिस्सा था। पुलिस ने बच्चियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं और डिजिटल फोरेंसिक टीम उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स, चैट्स और कॉल रिकॉर्ड्स खंगाल रही है, ताकि पता चल सके कि वे किसके संपर्क में थीं।
पुलिस जांच और सुसाइड नोट
डीसीपी निमिष पाटिल के अनुसार, घर से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें कोरियन कल्चर का जिक्र है। हालांकि, किसी गेम या व्यक्ति का नाम नहीं लिखा है। पुलिस अब परिवार के अंदरूनी हालातों की भी जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि क्या घर के जटिल माहौल ने बच्चों पर कोई मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया? परिवार ने कुछ दिन पहले बच्चियों से मोबाइल फोन भी छीन लिया था। यह प्रतिबंध क्यों लगाया गया, क्या यह उनकी मानसिक स्थिति पर और भारी पड़ गया? इन सभी सवालों के जवाब मिलने के बाद ही इस दर्दनाक कहानी का सच सामने आ पाएगा।










