दिल्ली कितनी सुरक्षित ! सड़क के गहरे गड्ढे में गिरकर बाइक सवार युवक की मौत….रातभर भटकते रहे परिजन

Delhi

दिल्ली के जनकपुरी में देर रात एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां सड़क के गहरे गड्ढे में गिरकर एक बाइक सवार युवक की मौत हो गई. मृतक की पहचान पालम निवासी एक युवक के रूप में हुई है. हादसा उस समय हुआ जब युवक अंधेरे में सड़क पर बने गहरे गड्ढे को देख नहीं पाया और उसी में जा गिरा. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि परिजन युवक के लापता होने के बाद पूरी रात दर्जनभर थानों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन किसी भी थाने से स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई. सुबह करीब 7 बजे पुलिस का फोन आया, जिसमें परिजनों को बताया गया कि युवक का शव मिल गया है.

गड्ढे में गिरकर हुई मौत- हादसे वाली जगह पर चल रहा था जल बोर्ड का काम

जानकारी के मुताबिक जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां दिल्ली जल बोर्ड का काम चल रहा था और सड़क पर गहरा गड्ढा खोदा गया था. स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि गड्ढे को कवर नहीं किया गया था. कोई चेतावनी बोर्ड या बैरिकेड नहीं लगाया गया था. रात में सड़क बेहद अंधेरी थी.

रातभर गड्ढे में पड़ा रहा युवक, सुबह मिली जानकारी

हादसे के बाद युवक कई घंटों तक वहीं फंसा रहा. राहगीरों ने सुबह उसके शव को देखा और पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की गई.

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AAP नेता सौरभ भारद्वाज का BJP सरकार पर हमला

दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज ने घटना पर शोक जताते हुए X (ट्विटर) पर लिखा, ‘सड़क में गहरे गड्ढे में एक मासूम बाइक सवार गिर कर फंस गया, रात भर पड़ा रहा और मर गया. नोएडा की घटना से दिल्ली की भाजपा सरकार ने कुछ नहीं सीखा. बस रोज़ झूठ बोला जाता है.’

उन्होंने इस हादसे को सरकारी लापरवाही का नतीजा बताया और सड़क मरम्मत को लेकर बीजेपी पर हमला बोला.

‘पूरी रात थानों में भटकते रहे, किसी ने मदद नहीं की’

मृतक के परिवार ने कहा कि युवक देर रात तक घर नहीं लौटा, जिसके बाद उन्होंने उसकी तलाश शुरू की. परिजनों के अनुसार वे रातभर एक के बाद एक थानों में गए. कहीं से भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई. पुलिस ने शुरुआत में गंभीरता नहीं दिखाई. परिवार का दावा है कि अगर समय पर पुलिस ने जानकारी दी होती या तलाश की होती, तो शायद स्थिति अलग होती.

जानकारी के मुताबिक दिल्ली के जनकपुरी में जिस जगह पर बाइक सवार युवक की मौत हुई, वहां गड्ढा खुला हुआ था और सबसे चौंकाने वाली बात यह कि कोई बैरीकेडिंग या चेतावनी संकेत भी नहीं लगाए गए थे.

हादसे के बाद सुबह में पर्दे लगाए गए

स्थानीय लोगों के अनुसार, हादसा रात में हुआ, लेकिन सुबह तक न तो गड्ढे को सुरक्षित किया गया था और न ही क्षेत्र को बंद किया गया था. सुबह जब पुलिस और विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचे, तब गड्ढे के चारों ओर पर्दे लगाए गए, जिससे अब सवाल उठ रहा है कि सुरक्षा व्यवस्था हादसे से पहले क्यों नहीं थी.

जनकपुरी में हुआ हादसा

दुर्घटना जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर के पास हुई. पुलिस ने मौके की फोटोग्राफी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गड्ढा कितने समय से खुला था और जिम्मेदारी किसकी है.

मंत्री आशीष सूद ने शुरू करवाई जांच

यह पूरा क्षेत्र कैबिनेट मंत्री आशीष सूद के विधानसभा क्षेत्र में आता है. मंत्री ने हादसे के बाद तुरंत जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने अधिकारियों से पूछा है कि क्या दिल्ली जल बोर्ड की ओर से खुला गड्ढा छोड़ा गया था? क्या अन्य कोई एजेंसी उस जगह काम कर रही थी? दुर्घटना के समय सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया गया?

 

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