मतदाताओं के लिए राहत: SIR 2026 में वोटर लिस्ट संशोधन की डेडलाइन बढ़ी…जानिए कब आएगी वोटर लिस्ट

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा द्वारा मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR)-2026 अभियान को लेकर शुक्रवार को दोपहर में लोकभवन स्थित मीडिया सेंटर में मीडिया से बातचीत करते हुए महत्वपूर्ण जानकारी साझा की.


मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने कहा कि चार फरवरी तक फॉर्म 7 में नाम काटने की 82684 आपत्तियां आईं है. जबकि फॉर्म 6 में नाम जुड़वाने के लिए 37 लाख 80 हजार 414 फॉर्म, ओवरसीज 1000 फॉर्म मिले हैं. इसके अलावा 5 फरवरी को सिर्फ एक दिन में 3 लाख 51 हजार 501 नाम जुड़वाने के लिए आए हैं, जो रिकॉर्ड है. रिणवा ने कहा कि 3 करोड़ 26 लाख लोगों को नोटिस भेजा जा रहा है, उनका जवाब आना है. 2 करोड़ 37 लाख नोटिस जनरेट हो गए हैं.

वहीं, 30 लाख 30 हजार लोगों की सुनवाई हो गई है. 86 लाख 27 हजार को नोटिस मिल भी गया है. दावा आपत्ति का अंतिम दिवस अब छह मार्च होगा. अब एक महीने की बढ़ोतरी कर दी गई है.

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि फॉर्म 6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं और फॉर्म सात भरकर नाम कटवा भी सकते हैं. अब 27 मार्च तक सुनवाई होगी जो पहले 27 फरवरी तक थी. अंतिम मतदाता सूची 10 अप्रैल को फाइनल प्रकाशित होगी. बूथ लेवल अधिकारी हर कार्यदिवस पर 10 से 12 के बीच उपलब्ध रहेंगे. किसी का नाम किस कारण कटा है, उसकी जानकारी हर पोलिंग स्टेशन पर बीएलओ से ले सकेंगे.

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि सुनवाई के लिए शुरुआत में 2042 एईआरओ थे, अब कुल मिलाकर 8990 एईआरओ हैं और 403 एआरओ हैं. अभी संख्या और बढ़ाएंगे, जिससे किसी मतदाता को कोई दिक्कत न हो. बूथ लेवल एजेंट लगभग पांच लाख 80 हजार हैं.

मुख्य निर्वाचन अधिकारी रिणवा ने कहा कि बीएलओ के साथ कोई दुर्व्यवहार करेगा तो एक्शन लेंगे. जिला निर्वाचन अधिकारी शिकायत को गंभीरता से ले रहे हैं. अलग अलग कारणों से बीएलओ की डेथ हुई है, उनकी रिपोर्ट हमने मंगाई है. फॉर्म आठ चार कारणों से भरा जाता है. पहला संशोधन, दूसरा पता बदल गया है तो

तीसरा कोई दिव्यांग है, चौथा मोबाइल नंबर और एपिक कार्ड खो जाए तब. उन्होंने कहा कि 9 लाख 50 हजार 498 फॉर्म आठ के आवेदन आए हैं. सुनवाई में वोटर को पर्सनली आने की आवश्यकता नहीं है. किसी भी रिलेटिव को भेज सकते हैं.

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