
फरीदाबाद। हरियाणा की फरीदाबाद जेल से सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। रविवार देर रात जेल के भीतर कैदियों के बीच हुई हिंसक झड़प में खूंखार आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या कर दी गई है। मिली जानकारी के अनुसार, आतंकी की हत्या का आरोप इसी जेल में बंद अरुण चौधरी नामक कैदी पर लगा है। इस घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है और पूरी जेल को हाई अलर्ट पर रखते हुए सभी कैदियों को उनकी बैरकों में बंद कर दिया गया है।
सुबह गिनती के दौरान खुला राज, जेल में मचा हड़कंप
आतंकी अब्दुल रहमान की मौत की खबर जेल प्रबंधन को सोमवार सुबह उस वक्त लगी, जब कैदियों की नियमित गिनती की जा रही थी। अब्दुल रहमान का शव मिलने के बाद तुरंत पुलिस और जेल विभाग के आला अधिकारियों को सूचित किया गया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। शुरुआती जांच में इसे आपसी रंजिश का मामला माना जा रहा है।
कौन था आतंकी अब्दुल रहमान? अयोध्या को दहलाने की थी साजिश
अब्दुल रहमान कोई साधारण अपराधी नहीं था। उसे 2 मार्च 2025 को आईबी (IB) और गुजरात एटीएस (ATS) के एक संयुक्त ऑपरेशन में फरीदाबाद के पाली गांव के पास से गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के वक्त उसके पास से दो हैंड ग्रेनेड बरामद हुए थे। जांच में खुलासा हुआ था कि वह ‘अलकायदा इन इंडियन सब-कांटिनेंट’ (AQIS) के कुख्यात आतंकी अबू सूफियान के सीधे संपर्क में था और अयोध्या स्थित राम मंदिर को दहलाने की बड़ी साजिश रच रहा था।
यूपी के मिल्कीपुर का निवासी था रहमान, सोशल मीडिया पर उगलता था जहर
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मिल्कीपुर का रहने वाला अब्दुल रहमान पिछले काफी समय से सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर था। उसके पास से ऐसे वीडियो और दस्तावेज मिले थे, जिनमें राम मंदिर से जुड़ी बेहद गोपनीय जानकारियां और रेकी की डिटेल्स मौजूद थीं। जांच में यह भी सामने आया था कि वह पिछले डेढ़ साल से सोशल मीडिया के जरिए भड़काऊ वीडियो साझा कर युवाओं को गुमराह करने और कट्टरपंथ फैलाने का काम कर रहा था।
जांच में जुटे अधिकारी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
जेल के भीतर एक हाई-प्रोफाइल आतंकी की हत्या ने जेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस प्रशासन फिलहाल इस मामले में कुछ भी बोलने से बच रहा है, लेकिन जेल के भीतर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। आरोपी कैदी अरुण चौधरी से पूछताछ की जा रही है ताकि हत्या के पीछे के असली मकसद का पता लगाया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि लापरवाही बरतने वाले जेल कर्मियों पर भी गाज गिर सकती है।













