
वाराणसी: धर्म नगरी काशी के कैंट इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां के एक प्रतिष्ठित होटल में ठहरे हैदराबाद के भाई-बहन ने कथित तौर पर जहर खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। मंगलवार दोपहर जब होटल स्टाफ कमरे का चेक-आउट कराने पहुंचा, तब इस सामूहिक आत्महत्या का खुलासा हुआ। इस हृदयविदारक घटना से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और पुलिस अब उन कारणों की तलाश में जुटी है, जिसने इन भाई-बहन को मौत के गले लगाने पर मजबूर किया।
होटल ‘सिटी इन’ के कमरा नंबर 2005 में मिली लाशें
होटल प्रबंधन के मुताबिक, हैदराबाद (सिकंदराबाद) के रहने वाले सुब्बा और धनलक्ष्मी बीती 8 फरवरी को वाराणसी पहुंचे थे। उन्होंने कैंट स्थित होटल ‘सिटी इन’ में कमरा नंबर 2005 बुक किया था। शुरुआती दो दिनों में उनका व्यवहार बिल्कुल सामान्य था और किसी को भी उनके इस खौफनाक कदम का अंदाजा नहीं था। मंगलवार दोपहर जब काफी देर तक रूम से कोई हलचल नहीं हुई, तो होटल कर्मचारी ने फोन किया। कोई जवाब न मिलने पर जब दरवाजा खटखटाया गया, तब अनहोनी की आशंका हुई।
मुंह से निकल रहा था झाग, पास मिला जहर का पैकेट
सूचना मिलते ही डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल और एसीपी चेतगंज डॉ. ईशान सोनी मौके पर पहुंच गए। पुलिस की मौजूदगी में मास्टर चाबी से कमरे का दरवाजा खोला गया, तो अंदर का दृश्य देख सबकी रूह कांप गई। भाई-बहन के शव फर्श पर बेसुध पड़े थे और उनके मुंह से झाग निकल रहा था। कमरे में रखे टेबल पर जहर का एक खाली पैकेट भी बरामद हुआ है, जिससे प्रथम दृष्टया मामला सुसाइड का प्रतीत हो रहा है।
फॉरेंसिक टीम ने जुटाए सुराग, परिजनों का इंतजार
घटना की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने पूरे कमरे की बारीकी से जांच की और फिंगरप्रिंट्स व अन्य साक्ष्य जुटाए। मृतकों के पास मिले आधार कार्ड से उनकी पहचान सिकंदराबाद के रूप में हुई है। डीसीपी गौरव बंसवाल ने बताया कि दोनों के परिजनों को सूचित कर दिया गया है।
मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी वाराणसी पुलिस
आखिर क्या वजह थी कि इतनी दूर काशी आकर भाई-बहन ने होटल के कमरे में जान दी? पुलिस अब इसी सवाल का जवाब तलाश रही है। क्या यह मामला किसी पारिवारिक कलह का है या फिर कोई गंभीर आर्थिक परेशानी थी, इसका खुलासा परिजनों के आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मृतकों के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स खंगाले जा रहे हैं।










