
भोपाल: झीलों की नगरी भोपाल से एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ एक छात्रा को हवस का शिकार बनाने के बाद उसे ब्लैकमेल कर लाखों की ठगी की गई। इस हाई-प्रोफाइल मामले में कोहेफिजा थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी और 365 जिम के संचालक माज खान को गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट ने उसे 13 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर भेजा है, जबकि सह-आरोपी औसाफ अली खान को जेल की सलाखों के पीछे पहुँचा दिया गया है। इस घटना ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
चार कारों में दरिंदगी: थार में बनाया अश्लील वीडियो
पुलिस जांच में जो खुलासे हुए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने अलग-अलग समय पर उसे चार अलग-अलग लग्जरी कारों में ले जाकर दुष्कर्म किया। दरिंदगी की एक वारदात महिंद्रा थार वाहन के अंदर अंजाम दी गई। इतना ही नहीं, आरोपियों ने मोबाइल फोन से चोरी-छिपे छात्रा का अश्लील वीडियो बना लिया। इसी वीडियो के सहारे छात्रा को लंबे समय तक ब्लैकमेल किया गया और उस पर बार-बार संबंध बनाने का दबाव डाला गया।
धमकाकर वसूले पैसे, सीहोर के गांव में छिपाई ‘गुनाह’ की गाड़ी
ब्लैकमेलिंग का खेल सिर्फ शारीरिक शोषण तक ही सीमित नहीं रहा। आरोपियों ने छात्रा को बदनाम करने की धमकी देकर उससे करीब 40 हजार रुपये भी वसूल लिए। वारदात की एक कड़ी सीहोर जिले के खानू गांव से भी जुड़ी है। पुलिस को सूचना मिली है कि जिस थार गाड़ी में घिनौनी हरकत की गई थी, उसे पुलिस से बचाने के लिए गांव में कहीं छिपा दिया गया है। कोहेफिजा पुलिस की एक टीम गाड़ी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
गायब मोबाइल ने बढ़ाई पुलिस की मुश्किल, डिजिटल सबूतों की तलाश
मामले की सबसे अहम कड़ी वह मोबाइल फोन है, जिससे वीडियो शूट किया गया था। फिलहाल वह फोन पुलिस के हाथ नहीं लगा है। मुख्य आरोपी माज खान से रिमांड के दौरान सख्ती से पूछताछ की जा रही है ताकि उस फोन और वीडियो को बरामद किया जा सके। पुलिस को अंदेशा है कि आरोपियों ने इस तरह की वारदात किसी और लड़की के साथ भी की हो सकती है, इसलिए उनके कॉल रिकॉर्ड्स और सोशल मीडिया चैट्स को खंगाला जा रहा है।
पुलिस की सख्त चेतावनी: बख्शे नहीं जाएंगे दोषी
भोपाल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि महिला सुरक्षा से जुड़े इस मामले में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जा रही है। आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों को जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम की भी मदद ली जा रही है ताकि कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ ठोस पैरवी की जा सके।















