25 दिन बाद आईआईटी-कानपुर में एक और होनहार का सुसाइड…कमरे से बरामद डायरी और फटी पर्चियों में छिपे हैं जिंदगी के तमाम राज


मंगेतर से बहस के बाद जिंदगी को अलविदा

– जूनियर टेक्नीशियन अंजू कुमारी के कमरे से सुसाइड नोट व पर्चियां बरामद
– संस्थान के आईटी विभाग में तीन साल से कार्यरत थी झारखंड की होनहार


 
कानपुर। देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में शामिल आईआईटी-कानपुर में होनहारों के सुसाइड का सिलसिला रुक नही रहा है। शनिवार को तकनीकी संस्थान परिसर में 29 वर्षीय जूनियर टेक्नीशियन अंजू कुमारी ने फंदा लगाकर जिंदगी को अलविदा कह दिया। मूलरूप से झारखंड राज्य के पूर्वी सिंहभूमि जिले की अंजू कुमारी पिछले तीन वर्षों से आईआईटी कानपुर के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में लैब जूनियर टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत थीं। घटनास्थल से सुसाइड नोट और कई हस्तलिखित पर्चियां बरामद हुई हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घटना से पहले अंजू की अपने मंगेतर से बहस हुई थी। बरामद सुसाइड नोट व पर्चियों को जांच में शामिल करते हुए हैंडराइटिंग और अन्य पहलुओं की जांच कराई जा रही है। मंगेतर से हुई बातचीत भी जांच के दायरे में है।


विवाह तय था, जल्द होने वाली थी सगाई
मूलरूप से झारखंड राज्य के पूर्वी सिंहभूमि जिले के जादू गोडा इलाके की निवासी 29 वर्षीय अंजू कुमारी आईआईटी में तीन साल से जूनियर टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत थी और कैंपस में रहती थी। शुक्रवार देर रात आफिस से अपने आवास टाइप-एल के रूम नंबर 102 में लौटने के बाद अंजू सुबह से किसी को नजर नहीं आई थी। शनिवार की सुबह दफ्तर जाने के लिए महिला सहयोगी आई तो दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने पर भी कोई हलचल नहीं हुई तो आईआईटी प्रशासन तक सूचना पंहुची। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में दरवाजा तोड़ा गया तो सामने अंजू की लाश फंदे पर लटकी मिली। पूछताछ में मालूम हुआ कि, अंजू का विवाह तय था और जल्द ही सगाई होने वाली थी। सूचना मिलने के बाद एडीसीपी-पश्चिम कपिल देव सिंह भी मौके पर पहुंचे। पुलिस को मौके से एक डायरी के साथ टुकड़ों में सुसाइड नोट की पर्चियां मिली हैं। आत्महत्या को वेलेंटाइन-डे से जोड़कर देखा जा रहा है, क्योंकि, मोबाइल फोन की कॉल लॉग के मुताबिक, आत्महत्या से पहले अंजू की अपने मंगेतर से काफी देर तक बात हुई थी। आशंका है कि, बातचीत के दौरान बहस होने के बाद अंजू ने आत्मघाती कदम उठाया है। फिलहाल, फारेंसिस टीम ने घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य संकलित करने के साथ मोबाइल को अपने कब्जे में लिया है। एडीसीपी पश्चिम कपिल देव सिंह के मुताबिक, अंजू के पिता राजननंदन रविदास को घटना की जानकारी दी गई है, परिजनों के आने के बाद ही पोस्टमार्टम कराया जाएगा।


तकनीकी संस्थान में 46 दिन में तीसरी आत्महत्या
देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में गिने जाने वाले तकनीकी संस्थान का कैंपस बीते कुछ वर्षों से पढ़ाई और रिसर्च से ज्यादा होनहारों की लगातार आत्महत्याओं को लेकर चर्चा में है। फरवरी 2024 से जनवरी 2026 तक छात्र, शोधार्थी और कर्मचारी मिलाकर 10 लोगों ने अपनी जिंदगी को अलविदा कहा है। आए दिन एक नई आत्महत्या की खबर ने कैंपस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर क्या है होनहारों की मौत के पीछे वजह। कौन देगा छात्र, शोधार्थी और कर्मचारी की मौत का जवाब। कभी हॉस्टल के कमरे में पंखे से लटका शव मिला, तो कभी कैंपस बिल्डिंग से छलांग लगाकर मौत के गले लगाया गया। वेलेंटाइन-डे के मौके पर 29 वर्षीय महिला जूनियर टेक्नीशियन से लेकर पीएचडी शोधार्थी और अंतिम वर्ष के छात्रों तक मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। कई मामलों में सुसाइड नोट मिला, कई में वजह अब भी रहस्य बनी हुई है। अभी तक जांच अधूरी है। काउंसिलिंग समिति की रिपोर्ट भी सार्वजनिक नहीं की गई। क्या पढ़ाई का दबाव, मानसिक तनाव या संस्थागत खामियां इसकी वजह हैं। फिलहाल, तकनीकी संस्थान ने इस मर्तबा भी अंजू की मौत पर संवेदना के चंद आंसू बहाकर अपनी जिम्मेदारी से पीछा छुड़ाने का प्रयास किया है। गौरतलब है कि, 29 दिसंबर की सुबह बीटेक के बायोलाजिकल सांइसेज एंड बायोइंजीनियरिंग विभाग के अंतिम वर्ष के साथ जयसिंह मीणा ने सुसाइड किया था। बैकपेपर की वजह से अच्छी नौकरी की उम्मीद टूटने पर जयसिंह ने मौत को गले लगाया था। इसके बाद 20 जनवरी 2026 को राजस्थान के चुरु जिले के निवासी 28 वर्षीय रामस्वरूप ईशराम ने बिल्डिंग की छठवीं मंजिल से छलांग लगाकर चौंका दिया था। वह आईआईटी से डिपार्टमेंट आफ अर्थ साइंस से पीएचडी कर रहे थे।

कोट्स…
घटनास्थल से सुसाइड नोट और कई हस्तलिखित पर्चियां बरामद हुई हैं। प्रारंभिक जांच में मंगेतर से बातचीत के दौरान बहस के कारण फांसी लगाने की बात सामने आई है। बरामद सुसाइड नोट व पर्चियों को जांच में शामिल करते हुए उनकी हैंडराइटिंग और अन्य पहलुओं की जांच कराई जा रही है।
एसएम कासिम आबिदी, डीसीपी-पश्चिम

खबरें और भी हैं...

Leave a Comment

+ 57 = 64
Powered by MathCaptcha