
वाराणसी: धर्मनगरी काशी के बनारस (मंडुआडीह) रेलवे स्टेशन पर सोमवार सुबह एक बड़ा रेल हादसा होते-होते रह गया। नई दिल्ली से चलकर बनारस आने वाली वीआईपी ट्रेन ‘शिवगंगा एक्सप्रेस’ की तीन बोगियां यार्ड की तरफ जाते समय अचानक पटरी से उतर गईं। गनीमत यह रही कि हादसा उस वक्त हुआ जब ट्रेन खाली थी और वाशिंग लाइन की ओर जा रही थी, जिससे किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही पूर्वोत्तर रेलवे के आला अधिकारी और तकनीकी टीम मौके पर पहुंच गई है।
मंडुआडीह फ्लाईओवर के नीचे डिरेल हुई बोगियां
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिवगंगा एक्सप्रेस सोमवार सुबह अपने निर्धारित समय पर दिल्ली से बनारस स्टेशन पहुंची थी। यात्रियों के उतरने के बाद सुबह करीब 8:35 बजे ट्रेन को सफाई और रखरखाव के लिए वाशिंग लाइन (यार्ड) ले जाया जा रहा था। इसी दौरान मंडुआडीह फ्लाईओवर के नीचे स्थित डीएलडब्ल्यू रेल लाइन नंबर 10 पर ट्रेन की पीछे वाली दो बोगियां और आगे की एक आधी बोगी अचानक पटरी से नीचे उतर गईं। तेज आवाज के साथ बोगियों के ट्रैक से उतरते ही वहां मौजूद रेलकर्मियों में हड़कंप मच गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, जांच के आदेश
हादसे की सूचना तुरंत कंट्रोल रूम को दी गई, जिसके बाद पूर्वोत्तर रेलवे के डीआरएम सहित कई वरिष्ठ अधिकारी घटना स्थल पर पहुंचे। पूर्वोत्तर रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) अशोक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि रेस्क्यू टीम युद्धस्तर पर ट्रैक को दुरुस्त करने और बोगियों को वापस पटरी पर चढ़ाने के काम में जुटी हुई है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जल्द ही ट्रैक को सामान्य कर लिया जाएगा। हालांकि, यह हादसा कैसे हुआ और क्या इसमें कोई तकनीकी चूक या ट्रैक की खराबी थी, इसकी विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
वीआईपी ट्रेन की सुरक्षा पर उठे सवाल
शिवगंगा एक्सप्रेस को वाराणसी और दिल्ली के बीच चलने वाली सबसे महत्वपूर्ण और वीआईपी ट्रेनों में गिना जाता है। ऐसे में यार्ड में जाते समय हुए इस डिरेलमेंट ने रेलवे की रखरखाव प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल मौके पर भारी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी मौजूद हैं और क्रेन की मदद से बोगियों को हटाने का काम किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे के असल कारणों का पता चल सकेगा।










