रोहित शेट्टी के घर फायरिंग केस में हमलावरों ने कैसे 4 राज्यों में लगातार बदली लोकेशन…सोशल मीडिया पर ‘डॉन’ बनने की चाहत ने बनाया अपराधी

मुंबई: मशहूर फिल्म डायरेक्टर रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक ऐसी साजिश का पर्दाफाश किया है, जो किसी फिल्मी थ्रिलर से कम नहीं है। जांच में सामने आया है कि इस हमले की पटकथा 20 जनवरी को ही लिख दी गई थी। हमलावरों ने न केवल मुंबई के हाई-प्रोफाइल जुहू इलाके की कई बार रेकी की, बल्कि वारदात को अंजाम देने के बाद चार राज्यों— महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में छिपते फिरे।

20 जनवरी को ‘डेथ वारंट’ फाइनल, पार्किंग में खड़ी रही स्कूटी

क्राइम ब्रांच के सूत्रों के अनुसार, मास्टरमाइंड शुभम लोनकर के इशारे पर शूटर दीपक शर्मा, सोनू और सनी ने 20 जनवरी 2026 को आखिरी बार रोहित शेट्टी के घर की रेकी की थी। इसके बाद उन्होंने 1 फरवरी को हमले की तारीख तय की। चौंकाने वाली बात यह है कि रेकी के लिए इस्तेमाल की गई स्कूटी को आरोपियों ने 20 जनवरी को जुहू रेलवे पार्किंग में खड़ा कर दिया था। यह स्कूटी वहां 11 दिनों तक लावारिस पड़ी रही, लेकिन किसी को भनक तक नहीं लगी। 31 जनवरी की रात आरोपियों ने कल्याण से टैक्सी ली और इसी पुरानी स्कूटी को निकालकर वारदात को अंजाम दिया।

शराब पी, फायरिंग की और फिर शुरू हुआ फरारी का ‘रोड मैप’

वारदात वाली रात (31 जनवरी) शूटरों ने जुहू चौपाटी के पास पहले शराब पी। इसके बाद दीपक शर्मा पैदल ही रोहित शेट्टी के घर की तरफ बढ़ा और अपनी सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल से अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। फायरिंग के बाद आरोपी किसी शातिर अपराधी की तरह भागे। उन्होंने जुहू से ठाणे और फिर ठाणे से कल्याण तक ऑटो बदले। कल्याण स्टेशन पर उनका चौथा साथी मिला, जिसके बाद वे एक्सप्रेस ट्रेन पकड़कर भोपाल भागे। भोपाल से लोकेशन बदलकर आग्रा पहुंचे और वहां से नोएडा में विशाल नाम के शख्स के घर पनाह ली। आखिर में वे हरियाणा पहुंचे, जहां रितिक ने उन्हें ठिकाना दिया।

सोशल मीडिया पर ‘डॉन’ बनने की चाहत ने बनाया अपराधी

पूछताछ में आरोपियों ने जो खुलासा किया वह चौंकाने वाला है। उन्होंने बताया कि वे गैंगस्टर के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर अपराधियों का महिमामंडन देखकर प्रभावित थे और ‘नाम कमाने’ की चाहत में इस गिरोह में शामिल हुए। उन्हें यह काम विष्णु कुशवाहा ने सौंपा था, जिसके तार राजस्थान के कुख्यात शुभम लोनकर और गोलू पंडित गिरोह से जुड़े हैं। आरोपी इतने शातिर थे कि वे सोशल मीडिया और न्यूज चैनलों पर पुलिस की हर हलचल पर नजर रख रहे थे। जैसे ही उन्हें लगता कि पुलिस करीब है, वे अपना राज्य और ठिकाना बदल लेते थे।

4 राज्यों की पुलिस और हजारों CCTV का जाल

मुंबई क्राइम ब्रांच ने इस केस को सुलझाने के लिए हजारों सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने अपनी फरारी के दौरान 4 बार प्राइवेट और 2 बार पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल किया। पुलिस ने अब तक आरोपियों को पनाह देने वाले विशाल, रितिक और जतिन को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, वारदात में इस्तेमाल मुख्य हथियार (पिस्टल) अभी भी बरामद होना बाकी है। पुलिस अब इस पूरे सिंडिकेट की आखिरी कड़ी तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

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