Iran-US Tension 2026: तेहरान में भीषण धमाकों से दहला ईरान! आसमान में छाया काला धुआं, सैटेलाइट तस्वीरों ने खोला राज

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तेहरान: मध्य-पूर्व (Middle-East) में युद्ध के नगाड़े बजने के बीच ईरान से बड़ी खबर सामने आ रही है। ईरान और अमेरिका के बीच चरम पर पहुंचे तनाव के दौरान तेहरान प्रांत के पारंद इलाके में एक बहुमंजिला इमारत में जोरदार धमाका हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में इमारत से उठता काला धुआं पूरे आसमान को अपनी चपेट में लेता दिख रहा है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पूरी दुनिया की नजरें ईरान के अगले कदम और अमेरिका की जवाबी कार्रवाई पर टिकी हैं। हालांकि, ईरान के स्थानीय प्रशासन ने इसे महज एक ‘आग की घटना’ करार दिया है।

तेहरान से शिराज तक धमाकों की गूंज, ईरानी सेना अलर्ट पर

तेहरान के पारंद इलाके के साथ-साथ शिराज प्रांत के पहाड़ी क्षेत्रों में भी संदिग्ध धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। इन धमाकों के पीछे का असली कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। जहां एक तरफ स्थानीय मीडिया इसे दुर्घटना बता रहा है, वहीं रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह किसी बड़े साइबर हमले या खुफिया ऑपरेशन का हिस्सा हो सकता है। ईरानी फायर ब्रिगेड ने दावा किया है कि आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। किसी भी बाहरी हमले की खबरों को ईरान ने सिरे से खारिज कर दिया है।

सैटेलाइट तस्वीरों ने खोला राज: परमाणु केंद्रों की ‘कंक्रीट घेराबंदी’

इस तनाव के बीच सबसे चौंकाने वाला खुलासा सैटेलाइट तस्वीरों (Satellite Images) से हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने अपने सबसे संवेदनशील सैन्य ठिकाने पारचिन मिलिट्री कॉम्प्लेक्स (Parchin Military Complex) की किलेबंदी तेज कर दी है। तस्वीरों से पता चलता है कि अक्टूबर 2024 में इजरायली हमले से क्षतिग्रस्त हुई इमारतों को न केवल फिर से बनाया गया है, बल्कि उनके ऊपर कंक्रीट की एक मोटी ढाल (Concrete Shield) तैयार कर उसे मिट्टी से ढका गया है। यह तकनीक हवाई हमलों और मिसाइल मार से महत्वपूर्ण संपत्तियों को बचाने के लिए अपनाई जा रही है।

इस्फहान और नतांज में सुरंगों के एंट्री गेट सील

सिर्फ पारचिन ही नहीं, बल्कि ईरान के यूरेनियम संवर्धन के मुख्य केंद्र इस्फहान न्यूक्लियर कॉम्प्लेक्स में भी युद्ध जैसी तैयारियां दिख रही हैं। सैटेलाइट इमेज में भारी मशीनरी और ट्रकों को सुरंगों के प्रवेश द्वारों को मिट्टी और कंक्रीट से सील करते हुए देखा गया है। पिछले साल अमेरिकी हमलों में हुए नुकसान से सबक लेते हुए ईरान अब अपने परमाणु प्रोग्राम को पाताल में सुरक्षित करने की कोशिश कर रहा है। नतांज की साइट्स पर भी मरम्मत और सुरक्षात्मक ढांचे को मजबूती देने का काम फरवरी 2026 तक पूरा होने के संकेत मिल रहे हैं।

वार्ता विफल और ओमान की मध्यस्थता पर संकट

हाल ही में ओमान की मध्यस्थता से जिनेवा में ईरान और अमेरिका के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत हुई थी, जो बेनतीजा रही। ईरान के विदेश मंत्री ने हालांकि इसे सकारात्मक बताया, लेकिन अमेरिका ने दो टूक कह दिया है कि तेहरान उनकी ‘रेड लाइन्स’ (Red Lines) को पार कर रहा है। इस कूटनीतिक गतिरोध के बीच ईरान ने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में मिसाइल परीक्षण कर दुनिया को संदेश दिया है कि वह वैश्विक तेल आपूर्ति को रोकने की ताकत रखता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान युद्ध की आहट को भांप चुका है और अपनी सैन्य व परमाणु सुविधाओं की अभेद्य किलेबंदी कर रहा है।

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