
सुल्तानपुर। मुख्य संवाददाता: उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के चर्चित समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यकर्ता आलोक पाल हत्याकांड में न्याय की जीत हुई है। सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट (एडीजे तृतीय) निशा सिंह की अदालत ने शुक्रवार को अपना अंतिम फैसला सुनाते हुए सभी पांचों दोषियों को आजीवन कारावास (Life Imprisonment) की कठोर सजा सुनाई है। चार साल पुराने इस मामले में कोर्ट ने मंगलवार को ही पांचों को दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया था, जिसके बाद आज सजा का ऐलान किया गया।
चुनावी रंजिश और सरेराह ‘खूनी’ हमला
यह हत्याकांड 2 मार्च 2022 को विधानसभा चुनाव के माहौल के बीच हुआ था। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता रवि शुक्ला के अनुसार, अमेठी के संग्रामपुर थाना क्षेत्र स्थित पूरे गड़ेरियन राजापुर कोहरा गांव के रहने वाले आलोक पाल अपने भाई प्रशांत पाल के साथ बाजार जा रहे थे। रास्ते में ननकू दास की कुटी के पास पहले से घात लगाए बैठे हमलावरों ने दोनों भाइयों को घेर लिया। हमलावरों ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से दोनों पर तब तक प्रहार किया, जब तक वे लहूलुहान होकर गिर नहीं गए।
अस्पताल में तोड़ा था दम, पिता ने दर्ज कराया था केस
वारदात के बाद गंभीर रूप से घायल दोनों भाइयों को परिजनों ने आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान आलोक पाल की मौत हो गई। आलोक पाल की मौत से इलाके में काफी तनाव फैल गया था। मृतक के पिता राम राज पाल की तहरीर पर पुलिस ने गांव के ही प्रभावशाली लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अजय मिश्र, माधव राज मिश्र, आशुतोष मिश्र, दुर्गा प्रसाद मिश्र और अभिषेक मिश्र को आरोपी बनाया था।
9 गवाहों की गवाही ने पहुंचाया सलाखों के पीछे
अदालती कार्यवाही के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ पुख्ता पैरवी की। मामले को अंजाम तक पहुंचाने के लिए कुल 9 गवाहों के साक्ष्य और बयान कोर्ट में पेश किए गए। इन्हीं गवाहों की गवाही और मेडिकल साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने माना कि यह एक सोची-समझी हत्या थी। मंगलवार को दोष सिद्ध होने के बाद एडीजे तृतीय निशा सिंह की अदालत ने सजा के लिए 20 फरवरी (शुक्रवार) की तिथि मुकर्रर की थी।
दोषियों की सूची जिन्हें मिली उम्रकैद
अदालत ने जिन पांच लोगों को उम्रकैद और आर्थिक दंड की सजा सुनाई है, उनके नाम इस प्रकार हैं:
- अजय मिश्र
- माधव राज मिश्र
- आशुतोष मिश्र
- दुर्गा प्रसाद मिश्र
- अभिषेक मिश्र
अदालत के इस फैसले के बाद आलोक पाल के परिजनों ने राहत की सांस ली है। आलोक पाल सपा के सक्रिय कार्यकर्ता थे, जिसके चलते इस हत्याकांड ने राजनीतिक गलियारों में भी काफी हलचल पैदा की थी।











