बंगाल चुनाव के ऐलान के 24 घंटे बाद चुनाव आयोग का ‘चाबुक’: मुख्य सचिव और DGP समेत 6 बड़े अफसर नपे, प्रशासनिक महकमे में हड़कंप

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तारीखों के ऐलान के साथ ही चुनाव आयोग (EC) पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। रविवार को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के ठीक दूसरे ही दिन सोमवार को आयोग ने बंगाल के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा फेरबदल करते हुए 6 वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला कर दिया है। इस कार्रवाई में राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती और पुलिस महानिदेशक (DGP) पीयूष पांडे जैसे रसूखदार अफसरों को पद से हटा दिया गया है। आयोग का यह कड़ा रुख साफ संकेत दे रहा है कि इस बार चुनाव की निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

नंदिनी चक्रवर्ती की छुट्टी, दुष्मंत नारियाला बने नए मुख्य सचिव

चुनाव आयोग ने प्रशासनिक फेरबदल की शुरुआत सबसे ऊंचे पद से की है। राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को पद से हटाकर उनकी जगह 1993 बैच के अनुभवी IAS अधिकारी दुष्मंत नारियाला को नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। वहीं, पुलिस महकमे में भी बड़ी सर्जरी की गई है। पीयूष पांडे की जगह अब सिद्धनाथ गुप्ता बंगाल के नए DGP की कमान संभालेंगे। आयोग के आदेश के मुताबिक, ये सभी निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।

कोलकाता पुलिस कमिश्नर और गृह सचिव भी बदले

बदलावों की यह फेहरिस्त यहीं नहीं रुकी। कोलकाता के पुलिस कमिश्नर सुप्रतिम सरकार को हटाकर अजय कुमार नंद को शहर की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा, गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा की जगह 1997 बैच की IAS अफसर संघमित्रा घोष को नया गृह सचिव बनाया गया है। अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियों में नटराजन रमेश बाबू को सुधार सेवा महानिदेशक और अजय मुकुंद रानाडे को ADG एवं IGP (कानून-व्यवस्था) नियुक्त किया गया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि हटाए गए अधिकारियों को चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी चुनावी ड्यूटी में तैनात नहीं किया जाएगा।

राजभवन में भी बदलाव: सीवी आनंद बोस का इस्तीफा, आरएन रवि नए गवर्नर

प्रशासनिक तबादलों से पहले बंगाल के राजभवन में भी बड़ी हलचल देखी गई। राज्यपाल सीवी आनंद बोस के इस्तीफे के बाद तमिलनाडु के पूर्व गवर्नर आरएन रवि को बंगाल का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। सीवी आनंद बोस का कार्यकाल ममता सरकार के साथ टकरावों के लिए चर्चा में रहा था। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बोस के अचानक इस्तीफे पर हैरानी जताते हुए इसे केंद्र सरकार का एकतरफा फैसला करार दिया है।

23 और 29 अप्रैल को मतदान, ममता के पास इतिहास रचने का मौका

चुनाव आयोग ने बंगाल की 294 सीटों पर दो चरणों में मतदान कराने का फैसला लिया है। पहले चरण की वोटिंग 23 अप्रैल और दूसरे चरण की 29 अप्रैल को होगी, जबकि नतीजों का ऐलान 4 मई को किया जाएगा। अगर इस चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की जीत होती है, तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनकर देश की पहली ऐसी महिला मुख्यमंत्री बन जाएंगी। फिलहाल 14 साल से सत्ता पर काबिज ममता के सामने भाजपा एक कड़ी चुनौती बनकर उभरी है।

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