बंगाल में ‘भगवा’ क्रांति: बंगाली धोती पहनकर मुख्यालय पहुंचे पीएम मोदी, देश में जश्न का माहौल

नई दिल्ली/कोलकाता। आज भारतीय राजनीति के इतिहास में एक ऐसा दिन दर्ज हो गया है, जिसने दशकों पुराने समीकरणों को उलट कर रख दिया है। 2026 के विधानसभा चुनावों के नतीजों में पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के 15 साल पुराने शासन का अंत हो गया है और भारतीय जनता पार्टी ने प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता की दहलीज पार कर ली है। दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में इस ‘महाविजय’ का जश्न मनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं बंगाली परिधान (धोती-कुर्ता) में पहुंचे, जो बंगाल की जनता और संस्कृति के प्रति उनके सम्मान के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

बंगाल में ‘ऐतिहासिक’ बदलाव: 200 की ओर बढ़ी भाजपा

पश्चिम बंगाल की 294 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा ने बहुमत के जादुई आंकड़े (148) को बहुत पीछे छोड़ दिया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, भाजपा 191 से अधिक सीटों पर बढ़त के साथ पूर्ण बहुमत हासिल कर चुकी है, जबकि तृणमूल कांग्रेस महज 95-98 सीटों पर सिमट गई है। प्रधानमंत्री ने इस जीत का श्रेय कार्यकर्ताओं के संघर्ष को देते हुए कहा कि यह “पीढ़ियों के प्रयासों का परिणाम” है।

नितिन नवीन: पहले ही चुनाव में ‘ब्रैंड न्यू’ प्रेसिडेंट का धमाका

भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के लिए यह किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है। इसी साल जनवरी 2026 में अध्यक्ष पद संभालने के बाद, उनके नेतृत्व में लड़ा गया यह पहला बड़ा चुनाव था। पहली ही बार में बंगाल जैसे चुनौतीपूर्ण राज्य में भाजपा को सत्ता दिलाकर उन्होंने पार्टी के भीतर अपना कद और भी मजबूत कर लिया है।

असम और पुडुचेरी: एनडीए का दबदबा बरकरार

    • असम: मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में एनडीए ने ‘हैट्रिक’ पूरी की है। गठबंधन 98 सीटों पर आगे है, जो भाजपा के सुशासन और विकास के एजेंडे पर जनता की मुहर है।
    • पुडुचेरी: यहां भी एनआर कांग्रेस और भाजपा (NDA) की सरकार की वापसी तय हो गई है, जिससे केंद्र शासित प्रदेश में विकास की निरंतरता बनी रहेगी।

तमिलनाडु और केरल: नए चेहरों और पुराने गढ़ों का हाल

    • तमिलनाडु: द्रविड़ राजनीति के इतिहास में सबसे बड़ा उलटफेर सुपरस्टार विजय की पार्टी TVK ने किया है। विजय की पार्टी 110 सीटों पर बढ़त के साथ सबसे बड़ी शक्ति बनकर उभरी है, जिसने स्टालिन की DMK को तीसरे स्थान पर धकेल दिया है।
    • केरल: राज्य में हर पांच साल में सत्ता बदलने की रीत कायम रही। वामपंथ का किला ढह गया है और कांग्रेस के नेतृत्व वाला UDF (95+ सीटें) सत्ता में लौट रहा है।

जश्न का माहौल: दिल्ली से कोलकाता तक ‘जय श्री राम’ के नारे

भाजपा मुख्यालय में प्रधानमंत्री के पहुंचते ही कार्यकर्ताओं का उत्साह चरम पर पहुंच गया। गृह मंत्री अमित शाह और अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ प्रधानमंत्री ने कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार किया। पीएम ने अपने पुराने बयान को याद करते हुए फिर दोहराया कि “गंगा बिहार से होकर बंगाल जाती है,” और बिहार की जीत ने ही बंगाल में विजय का द्वार खोल दिया था।

 

 

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