
कानपुर: कानपुर नगर कमिश्नरेट पुलिस ने वित्तीय धोखाधड़ी और टैक्स चोरी के एक अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस रैकेट के मुख्य किरदारों में से एक महफूज अली उर्फ ‘पप्पू छुरी’ को गिरफ्तार किया है। जाजमऊ इलाके से पकड़ा गया यह आरोपी फर्जी शेल कंपनियां बनाकर करोड़ों रुपये के अवैध लेनदेन और हवाला कारोबार को अंजाम दे रहा था।
मजदूरों को झांसा देकर हड़पे दस्तावेज़
जांच में पता चला कि यह गैंग बेहद शातिर तरीके से काम करता था। ये लोग गरीब और कम पढ़े-लिखे मजदूरों को निशाना बनाते थे। उन्हें छोटे प्रलोभन देकर उनके PAN कार्ड और अन्य दस्तावेज़ हासिल कर लिए जाते थे। इन्हीं दस्तावेज़ों के आधार पर ‘अफीसा एंटरप्राइजेज’ जैसी फर्जी कंपनियां रजिस्टर कराई गईं। अकेले इस फर्म के जरिए 146 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन किया गया।
#WATCH | Kanpur, UP: Police arrested a mastermind in connection with a Rs 146 crore fraud case involving fake firms and illegal transactions.
CP Kanpur Nagar, Raghubir Lal says, "… Scrap dealers and those involved in the slaughter business were engaged in circulating money.… pic.twitter.com/aqxRte2X22
— ANI (@ANI) May 8, 2026
68 बैंक खाते और परिवार का इस्तेमाल
चकेरी पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त जांच में सामने आया कि महफूज अली ने अपने और अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर कुल 68 बैंक खाते खुलवा रखे थे। इन खातों का इस्तेमाल केवल पैसा घुमाने (Money Laundering) के लिए किया जाता था। गिरोह स्क्रैप (कबाड़) और बूचड़खाने के कारोबारियों से पैसा इन खातों में मंगवाता था और अपना मोटा कमीशन काटकर उन्हें कैश वापस कर देता था।
सिंडिकेट का ‘दिमाग’ है वकील फिरोज खान
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के मुताबिक, इस पूरे सिंडिकेट का असली मास्टरमाइंड फिरोज खान नाम का एक वकील है। फिरोज ही इन फर्जी फर्मों के लिए कानूनी कागजात, GST रजिस्ट्रेशन और अन्य तकनीकी औपचारिकताएं पूरी करवाता था। पुलिस अब फिरोज और उसके अन्य साथियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
मुख्य अपडेट्स:
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हवाला कनेक्शन: यह रैकेट GST चोरी, इनकम टैक्स फ्रॉड और हवाला के जरिए करोड़ों का काला धन सफेद कर रहा था।
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अंतरराज्यीय जाल: गिरोह के तार उत्तर प्रदेश के अलावा पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और पश्चिम बंगाल तक फैले हुए हैं।
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जांच में जुटी एजेंसियां: पुलिस के साथ-साथ अब GST और आयकर विभाग (Income Tax) के अधिकारी भी डेटा खंगाल रहे हैं।
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नोटिस जारी: पुलिस ने उन व्यापारियों और लोगों को नोटिस भेजना शुरू कर दिया है जिन्होंने इन फर्जी खातों का इस्तेमाल किया था, जिनमें ताहिर, अजमेरी और रुस्तम जैसे नाम शामिल हैं।












