नई दिल्ली। सनातन धर्म और ज्योतिष शास्त्र में ‘नौतपा’ का विशेष और बेहद महत्वपूर्ण स्थान माना गया है। इस साल कल से यानी ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की विशेष तिथि से नौतपा की शुरुआत होने जा रही है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, जब प्रत्यक्ष देवता सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तब से लेकर अगले 9 दिनों तक के कालखंड को ‘नौतपा’ के नाम से जाना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इन 9 दिनों में सूर्य देव पृथ्वी के सबसे नजदीक होते हैं, जिसके कारण ब्रह्मांड में प्रचंड गर्मी बढ़ जाती है और सूर्य का तेज अपने चरम पर होता है।
सूर्य साधना के लिए सबसे उत्तम समय है नौतपा
धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से नौतपा का यह समय सूर्य देव की विशेष साधना और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए सर्वोत्तम माना गया है। ज्योतिषविदों के अनुसार, यदि आप इस भीषण गर्मी के दौरान कुछ विशेष और प्रभावशाली सूर्य मंत्रों का पूर्ण श्रद्धा से जाप करते हैं, तो न सिर्फ आपको सूर्य की तपिश और इसके दुष्प्रभावों से राहत मिलेगी, बल्कि आपके जीवन में सुख, समृद्धि, यश और उत्तम सेहत का वास होगा। आइए जानते हैं नौतपा में कल्याण करने वाले उन विशेष मंत्रों के बारे में।
1. नकारात्मक ऊर्जा का नाश करेगा सूर्यदेव का बीज मंत्र
यह मंत्र बेहद शक्तिशाली और तुरंत फल देने वाला माना जाता है। नौतपा के दौरान नियमित रूप से सुबह सूर्योदय से पहले उठकर, स्नान के बाद उगते हुए सूर्य के सामने इस मंत्र की कम से कम एक माला (108 बार) जाप करने से जीवन की सभी नकारात्मक ऊर्जा नष्ट हो जाती है और आत्मविश्वास में अभूतपूर्व वृद्धि होती है।
मंत्र: ऊं ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः।
2. मानसिक शांति के लिए करें ‘सूर्य गायत्री मंत्र’ का जाप
यदि आप मानसिक तनाव, अनिद्रा या अज्ञात भय से परेशान हैं, तो नौतपा के 9 दिनों में सूर्य गायत्री मंत्र का जाप आपके लिए वरदान साबित हो सकता है। इस मंत्र के नियमित जाप से न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि एकाग्रता बढ़ती है और बौद्धिक क्षमता का तीव्र विकास होता है।
मंत्र: ऊं आदित्याय विद्महे प्रभाकराय धीमहि तन्नो सूर्यः प्रचोदयात।
3. सूर्यदेव का लघु मंत्र (अर्घ्य देते समय विशेष फलदायी)
यदि आपके पास समय का अभाव है या आप बड़े मंत्रों का शुद्ध उच्चारण नहीं कर पा रहे हैं, तो इस लघु मंत्र का जाप कर सकते हैं। नौतपा के दौरान रोज सुबह तांबे के लोटे में जल, लाल चंदन और अक्षत डालकर सूर्य देव को अर्घ्य देते समय इस मंत्र का उच्चारण अवश्य करें।
मंत्र: ऊं घृणि सूर्याय नमः।
4. आरोग्यता और लंबी बीमारी से मुक्ति के लिए मंत्र
यदि आप या आपके परिवार का कोई सदस्य लंबे समय से किसी गंभीर बीमारी से परेशान है और दवाइयां बेअसर साबित हो रही हैं, तो नौतपा में इस सूर्य मंत्र का जाप रामबाण सिद्ध हो सकता है। यह मंत्र शरीर के भीतर एक सकारात्मक ऊर्जा और हीलिंग पावर का संचार करता है, जिससे रोगों से मुक्ति मिलती है।
मंत्र: ऊं घृणि सूर्याय नमः
5. सुख-समृद्धि और आर्थिक तंगी दूर करने का महामंत्र
इस विशेष मंत्र के जाप से घर या व्यापारिक स्थल की समस्त नकारात्मक ऊर्जा और वास्तु दोष दूर होते हैं। घर में सुख-शांति का माहौल बनता है। जो लोग लंबे समय से कर्ज के जाल में फंसे हैं या आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, उनके लिए नौतपा में इस मंत्र का अनुष्ठान बेहद फलदायी और धन के नए मार्ग खोलने वाला माना गया है।
मंत्र: ऊं ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः















