Ayodhya Ram Mandir Donation Scam: राम मंदिर दान चोरी मामले में बड़ा एक्शन, मुख्य आरोपी टिन्नू यादव समेत सभी 8 आरोपियों की जेल 13 जुलाई तक बढ़ी, SIT को मिली बड़ी कामयाबी

अयोध्या। अयोध्या के भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में भक्तों द्वारा श्रद्धा से चढ़ाए गए दान और चढ़ावे की राशि में कथित चोरी व गबन के मामले में अदालत ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। अयोध्या की विशेष अदालत ने इस हाई-प्रोफाइल घोटाले के सभी आठ नामजद आरोपियों की न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) को और 14 दिनों के लिए आगे बढ़ा दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब मुख्य आरोपी रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत सभी आरोपी आगामी 13 जुलाई तक अयोध्या जिला जेल की सलाखों के पीछे ही रहेंगे।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आधिकारिक शिकायत पर दर्ज की गई इस एफआईआर (FIR) के बाद हरकत में आई पुलिस और विशेष जांच दल (SIT) की टीम लगातार इस मामले की परतें खोलने में जुटी हुई है। आरोपियों पर राम मंदिर परिसर में रखी दान पेटिकाओं (Hundi) से निकाली गई भारी-भरकम नकदी और अन्य मूल्यवान वस्तुओं की चोरी, वित्तीय गबन, आपराधिक साजिश और गंभीर विश्वासघात करने जैसी संगीन धाराएं लगाई गई हैं।

SIT की ताबड़तोड़ छापेमारी, अब तक ₹79.85 लाख की भारी रिकवरी

इस बेहद संवेदनशील मामले की कमान संभाल रही एसआईटी (SIT) की जांच में अब तक कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस और एसआईटी की विभिन्न टीमों द्वारा आरोपियों के ठिकानों पर की गई ताबड़तोड़ छापेमारी के दौरान अब तक लगभग 79.85 लाख रुपये की भारी-भरकम नकदी बरामद की जा चुकी है। जांच अधिकारियों के मुताबिक, पकड़े गए आरोपियों में से एक के पास से सीधे तौर पर कैश की रिकवरी भले ही नहीं हुई है, लेकिन इस पूरे आपराधिक षड्यंत्र और वित्तीय हेराफेरी की साजिश रचने में उसकी भूमिका के पुख्ता सबूत मिले हैं।

ये हैं FIR में नामजद वो 8 आरोपी जो चढ़ावा गिनती के काम से जुड़े थे

उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए ये सभी 8 आरोपी राम मंदिर परिसर के भीतर ही दान राशि की गिनती, प्रबंधन और उससे संबंधित वित्तीय कार्यों की देखरेख से जुड़े हुए थे। इस पूरे नेटवर्क का ब्योरा कुछ इस तरह है:

  • रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू: इस पूरे घोटाले का मुख्य मास्टरमाइंड, जो मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का पूर्व ड्राइवर और बेहद करीबी रहा है।

  • मनीष यादव: मुख्य आरोपी टिन्नू यादव का सगा भतीजा।

  • लवकुश मिश्रा: इस आरोपी के घर पर हुई छापेमारी में एसआईटी को करीब 10 लाख रुपये की नगदी बरामद हुई है।

  • अनिकुलप मिश्रा: यह आरोपी मंदिर के फर्जी वाउचर बनाने और कागजों में बड़ी हेराफेरी करने का मुख्य काम देखता था।

  • अन्य सह-आरोपी: अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र और सुभाष चंद्र श्रीवास्तव, जो इस पूरी साजिश में बराबर के साझीदार थे।

पुलिस ने मांगी थी रिमांड, अदालत ने सभी को भेजा जिला जेल

इससे पहले, बीते शुक्रवार (26 जून) को पुलिस ने सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया था, जहां से उन्हें 29 जून तक के लिए शुरुआती न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया था। सोमवार को रिमांड अवधि समाप्त होने पर पुलिस ने मामले की गहराई से पड़ताल और नए सुराग जुटाने के लिए आरोपियों की आगे की रिमांड मांगी थी। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी आरोपियों को 14 दिन की अतिरिक्त न्यायिक हिरासत में भेजते हुए 13 जुलाई तक जेल में ही रखने के सख्त आदेश दिए हैं।

जांच की आंच बड़े चेहरों तक, चंपत राय के इस्तीफे के बाद हड़कंप

राम मंदिर में हुए इस दान घोटाले की गूंज पूरे देश में सुनाई दे रही है। एसआईटी की जांच सिर्फ इन 8 कर्मचारियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि जांच की आंच अब ट्रस्ट के कुछ बेहद उच्च पदाधिकारियों तक भी पहुंच चुकी है। इस सिलसिले में एसआईटी की टीम ने ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्यों से भी लंबी पूछताछ की है। इसी विवाद और दबाव के बीच राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का इस्तीफा भी सामने आ चुका है, जिसने उत्तर प्रदेश की सियासत और धार्मिक हलकों में भारी हड़कंप मचा दिया है। फिलहाल एसआईटी बैंक खातों, मंदिर के सीसीटीवी फुटेज और दान के वाउचरों को खंगालकर यह पता लगाने में जुटी है कि यह खेल कितने समय से चल रहा था।

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