अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में मर्डर से हड़कंप: कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की बैरक में हत्या, चंबल के खूंखार डाकू का खौफनाक अंत

अजमेर। राजस्थान की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल से इस वक्त की बेहद सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। जेल की बैरक के भीतर एक ऐसी खूनी वारदात को अंजाम दिया गया है, जिसने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से कटघरे में खड़ा कर दिया है। चंबल के बीहड़ों से लेकर पूरे राजस्थान और मध्य प्रदेश में आतंक का पर्याय रहे कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की जेल के अंदर ही बेरहमी से हत्या कर दी गई है। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर के बाद जेल महकमे के साथ-साथ पुलिस प्रशासन में भी हड़कंप मच गया है।

बैरक खुलते ही सामने आया खौफनाक मंजर, साथी बंदी पर लगा आरोप

मिली जानकारी के मुताबिक, डकैत जगन गुर्जर जेल की एक बैरक में अन्य कैदियों के साथ बंद था। दोपहर के वक्त जब जेल स्टाफ रोजाना की प्रक्रिया के तहत बैरक का दरवाजा खोलने पहुंचा, तो अंदर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। बैरक के भीतर जगन गुर्जर का लहूलुहान शव पड़ा हुआ था। इस वारदात को अंजाम देने का मुख्य आरोपी कोई और नहीं, बल्कि उसी की बैरक में बंद दूसरा कैदी विष्णु बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, आरोपी विष्णु भरतपुर के चर्चित कुलदीप जघीना हत्याकांड का मुख्य आरोपी है और वह भी जगन के साथ ही बंद था।

जेल पहुंचे एसपी और एफएसएल की टीम, जांच शुरू

वारदात की गंभीरता को देखते हुए अजमेर के एसपी हर्षवर्धन अग्रवाल तुरंत भारी पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हत्या के कारणों की गहराई से जांच की जा रही है। मौके पर फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को भी बुलाया गया है, जो बैरक के भीतर से फिंगरप्रिंट्स और अन्य महत्वपूर्ण वैज्ञानिक सबूत जुटा रही है। जेल के भीतर दो इतने बड़े अपराधियों के बीच खूनी संघर्ष क्यों हुआ, इसके पीछे की मुख्य वजहों का पता लगाया जा रहा है।

100 से ज्यादा मुकदमे, जिसके नाम से कभी थम जाती थीं शादियां

मारे गए डकैत जगन गुर्जर का आपराधिक इतिहास बेहद खौफनाक रहा है। वह धौलपुर और चंबल क्षेत्र का सबसे दुर्दांत डकैत माना जाता था। एक दौर ऐसा था जब जगन गुर्जर के खौफ और आतंक की वजह से गांवों में शादियां तक रुक जाया करती थीं। उसके खिलाफ हत्या, लूट, डकैती, अपहरण और रंगदारी जैसे 100 से भी ज्यादा संगीन आपराधिक मामले दर्ज थे। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के लिए जगन गुर्जर लंबे समय तक सिरदर्द बना रहा था।

दूध बेचने वाले से ‘बीहड़ का सुल्तान’ बनने की कहानी और सीएम को धमकी

धौलपुर जिले के भवुतीपुरा गांव का रहने वाला जगन गुर्जर अपराध की दुनिया में आने से पहले एक सीधा-साधा दूध विक्रेता था। लेकिन, परिस्थितियों और अपराध के रास्ते ने उसे चंबल का खूंखार डाकू बना दिया। करीब 7 साल तक उसने राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के चंबल के बीहड़ों में अपना एकछत्र राज चलाया। साल 2019 में महिलाओं के साथ बेरहमी से मारपीट करने के मामले में भी वह देशभर में सुर्खियों में आया था। इसके अलावा, गुर्जर आरक्षण आंदोलन के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के धौलपुर स्थित महल को उड़ाने की कथित धमकी देने के बाद वह राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया था।

हालांकि, अपनी बेटी की शादी के समय जगन गुर्जर ने अपराध की दुनिया छोड़ने की कसम खाई थी और पुलिस के सामने आत्मसमर्पण (सरेंडर) भी किया था। लेकिन, वह चाहकर भी जुर्म की दलदल से बाहर नहीं निकल पाया और बार-बार कानून के शिकंजे में फंसता रहा। आज जेल की सलाखों के पीछे ही उसके इस खौफनाक सफर का अंत हो गया।

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