भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के मिसरोद थाना क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाली और सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां पुलिस महकमे में तैनात एक महिला आरक्षक (महिला कांस्टेबल) के साथ शादी का झांसा देकर पिछले 8 साल से कथित तौर पर दुष्कर्म और यौन शोषण किए जाने का मामला उजागर हुआ है। पीड़िता की लिखित शिकायत के बाद हरकत में आई मिसरोद थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बलात्कार समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसकी सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है। इस हाई-प्रोफाइल मामले के सामने आने के बाद से ही पुलिस और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है।
ट्यूशन क्लास से शुरू हुई थी दोस्ती, प्यार का नाटक रच किया शोषण
पीड़िता ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बेहद चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। महिला आरक्षक के अनुसार, यह पूरा मामला साल 2018 में शुरू हुआ था। उस समय पीड़िता और आरोपी की मुलाकात एक कोचिंग संस्थान में ट्यूशन के दौरान हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत और दोस्ती हुई, जो धीरे-धीरे समय के साथ गहरे प्रेम संबंध में बदल गई। महिला का आरोप है कि आरोपी ने उसे अपने प्रेम जाल में पूरी तरह फंसा लिया था और लगातार शादी का पवित्र वादा करते हुए उसके साथ लंबे समय तक शारीरिक संबंध बनाए। आरोपी ने शादी का झूठा दिलासा देकर करीब आठ वर्षों तक उसका लगातार यौन और मानसिक शोषण किया।
शादी की बात आते ही असली चेहरे से हटा नकाब, आरोपी ने किया साफ इनकार
समय बीतने के साथ जब पीड़िता ने आरोपी पर शादी करने और अपने रिश्ते को सामाजिक पहचान देने का दबाव बनाया, तो आरोपी के असली इरादे सामने आ गए। आरोपी ने महिला आरक्षक से शादी करने की बात से पूरी तरह साफ इनकार कर दिया और उसे धोखा देकर मुकर गया। खुद को ठगा हुआ महसूस करने और आरोपी का असली चेहरा सामने आने के बाद पीड़िता ने हिम्मत नहीं हारी। वह तुरंत सीधे मिसरोद थाने पहुंची और आरोपी की इस घिनौनी करतूत के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज करवा दी।
दुष्कर्म की गंभीर धाराओं में केस दर्ज, आरोपी की तलाश में पुलिस की छापेमारी
मिसरोद थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता और पीड़िता के पुलिस विभाग से जुड़े होने के कारण बिना कोई वक्त गंवाए तुरंत एक्शन लिया। पुलिस ने पीड़िता के बयानों के आधार पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म (Rape) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। वारदात के बाद से ही आरोपी अपना मोबाइल बंद कर घर से फरार बताया जा रहा है। पुलिस की अलग-अलग टीमें आरोपी के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
थाना प्रभारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला आरक्षक से जुड़े इस संवेदनशील मामले की हर कानूनी और तकनीकी पहलू से बारीकी से जांच की जा रही है। फॉरेंसिक और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जल्द ही आरोपी को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।













