आसमानी आफत का कहर : सतारा में करंट लगने से परिवार के 4 लोगों की मौत, महाराष्ट्र में दो दिन में 10 की गई जान…. 

मुंबई / सतारा: महाराष्ट्र में मानसून की भारी बारिश आफत बनकर बरस रही है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मूसलाधार बारिश के कारण हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले दो दिनों के भीतर बारिश और इससे जुड़े हादसों में कुल 10 लोगों की जान जा चुकी है। ताजा और बेहद दर्दनाक मामला सतारा जिले से सामने आया है, जहां करंट की चपेट में आने से एक ही परिवार के चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।

सतारा में दिल दहला देने वाला हादसा: अपनों को बचाने में उजड़ गया हंसता-खेलता परिवार

सतारा जिले के फलटण तालुका के खामगांव से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। यहां पारधी समाज का एक परिवार बिजली विभाग की लापरवाही और भारी बारिश का शिकार हो गया। दरअसल, घर के सामने से गुजर रहे बिजली के तार के संपर्क में आने से परिवार के चार सदस्यों की दर्दनाक मौत हो गई।

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मूसलाधार बारिश के कारण बिजली का तार नीचे आ गया था, जिसकी चपेट में सबसे पहले परिवार का एक सदस्य आया। उसे तड़पता देख और बचाने के प्रयास में परिवार के अन्य सदस्य भी एक-एक कर करंट की चपेट में आते चले गए। करंट इतना जोरदार था कि चारों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान किशोरडे शिंदे, सचिन शिंदे, गगाया शिंदे और अर्चना शिंदे के रूप में हुई है, जिनमें दो पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं। घटना की सूचना मिलते ही फलटण पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मामले की जांच शुरू कर दी है।

मुंबई में हाई-टाइड की चेतावनी, समंदर में उठेंगी ऊंची लहरें

राजधानी मुंबई और इसके उपनगरों में भी मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई और आसपास के इलाकों में दिनभर बादल छाए रहने और रुक-रुककर हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान जताया है। इस बीच बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने नागरिकों के लिए अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार शाम 5:17 बजे समंदर में 3.77 मीटर ऊंची लहरें (हाई-टाइड) उठने की आशंका है, जबकि बृहस्पतिवार सुबह 7:00 बजे 3.49 मीटर ऊंची लहरें उठ सकती हैं। प्रशासन ने लोगों को समंदर के किनारों से दूर रहने की सलाह दी है।

ठाणे में नदियां उफान पर, कई रास्ते बंद और सड़कों पर रेंग रहे वाहन

ठाणे जिले में बुधवार सुबह से ही गरज-चमक के साथ हो रही मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। निचले इलाकों में भारी जलभराव के कारण बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। जिले की प्रमुख नदियां खतरे के निशान के बेहद करीब बह रही हैं। खड़वली और भातसा नदी उफान पर हैं।

भातसा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण शाहपुर-मुरबाड़ मार्ग पर लिबर्टी ऑयल कंपनी के पास सड़क पूरी तरह जलमग्न हो गई है, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित है। इसके अलावा, बदलापुर जाने वाले मार्ग पर भी भारी जलभराव के कारण वाहन चालकों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है और सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। भिवंडी की कामवारी नदी और उल्हास नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और सतर्क रहने की अपील की है।

कोल्हापुर का प्रसिद्ध दत्ता मंदिर पानी में डूबा, NDRF की टीम तैनात

भारी बारिश का असर धार्मिक स्थलों पर भी देखने को मिल रहा है। कोल्हापुर जिले के नृसिंहवाड़ी में स्थित प्रसिद्ध दत्ता मंदिर पंचगंगा और कृष्णा नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण पूरी तरह से पानी में डूब गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल (NDRF) की एक टीम ने मंदिर परिसर का दौरा किया और जलस्तर का मुआयना किया। स्थानीय प्रशासन पल-पल की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

शाहपुर में पहाड़ी दरकने से भारी तबाही, मलबे में दबे आशियाने

ठाणे जिले के शाहपुर तालुका के डेहणे गांव स्थित खांडीचा पाड़ा में लगातार हो रही बारिश के कारण एक पहाड़ी का बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया। इस भूस्खलन (Landslide) की चपेट में आने से 6 से 7 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। गनीमत यह रही कि पहाड़ी दरकने की आहट मिलते ही लोग समय रहते अपने घरों से बाहर निकल आए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि, कई परिवारों का अनाज, कपड़े और घरेलू सामान मलबे में दबकर नष्ट हो गया है। घटना के बाद से इलाके के लोग दहशत में हैं। राजस्व विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रही हैं।

नासिक में स्कूल और कॉलेजों की छुट्टी घोषित

नासिक शहर और ग्रामीण इलाकों में हो रही मूसलाधार बारिश को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। नासिक नगर निगम क्षेत्र के सभी स्कूलों और कॉलेजों में आज छुट्टी घोषित कर दी गई है। नगर आयुक्त ने बताया कि शहर के कई इलाकों में जलभराव और यातायात ठप होने के कारण छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। नगर निगम ने सभी शिक्षण संस्थानों को इस आदेश का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है।

 

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