रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा प्रक्रिया में कथित भारी अनियमितताओं और धांधली के मामले में सीआईडी (CID) ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। स्थानीय पुलिस के सहयोग से सीआईडी की टीमों ने राज्य के चार प्रमुख जिलों—रांची, बोकारो, पलामू और हजारीबाग में एक साथ करीब 20 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। जांच एजेंसी की इस सख्त कार्रवाई से परीक्षा संचालन से जुड़े विभागों, कोचिंग संचालकों और संबंधित अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।
हजारीबाग से करोड़ों के चेक व एडमिट कार्ड बरामद, दो भाई हिरासत में
सीआईडी की टीम ने सोमवार को हजारीबाग के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र स्थित पौता गांव में राजेंद्र यादव के ठिकाने पर दबिश दी। तलाशी के दौरान एजेंसी को घर से करोड़ों रुपये के चेक, उत्पाद सिपाही परीक्षा के एडमिट कार्ड और कई अत्यंत संवेदनशील दस्तावेज बरामद हुए। इसके तुरंत बाद सीआईडी ने राजेंद्र यादव के दोनों बेटों—लालू यादव और प्रदीप यादव को हिरासत में ले लिया। सूत्रों के अनुसार, दोनों भाइयों में से एक का चयन जेपीएससी में हुआ था, जबकि दूसरा परीक्षा में ‘सेटर’ की भूमिका निभा रहा था।

परीक्षा कराने वाली एजेंसी और मास्टरमाइंड पर कसा शिकंजा
सीआईडी ने जेपीएससी धांधली से जुड़े 18 अन्य संदिग्ध ठिकानों को भी निशाना बनाया। परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) के निदेशक रामवीर सिंह, मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी उर्फ मनोज कुमार तिवारी और प्रोग्रामर उस्मान को रिमांड पर लिया गया है। जांच टीम मुख्य रूप से ओएमआर (OMR) शीट के मूल्यांकन, डेटा प्रोसेसिंग और डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है। ठिकानों से हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव, लैपटॉप और अन्य डिजिटल दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
कोचिंग संचालकों और रिश्तेदारों के लिंक की जांच तेज
जांच की आंच अब रांची और पलामू के नामचीन कोचिंग संस्थानों तक पहुंच गई है। धुर्वा स्थित शिक्षक रवि शंकर कुमार और नामकुम में कोचिंग से जुड़े आदित्य पांडेय के आवास पर छापेमारी की गई। आदित्य पांडेय की बहन ने हाल ही में जेपीएससी पीटी परीक्षा पास की है, जिसके बाद आदित्य को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
इसके अलावा, एजेंसी के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी के भाई अक्षय तिवारी ने भी 14वीं JPSC की प्रारंभिक परीक्षा पास की है। जब सीआईडी ने उसकी OMR शीट मांगी, तो उसने ओएमआर शीट गायब होने का दावा किया। सीआईडी अक्षय के इस तर्क को पूरी तरह से संदिग्ध मानकर गहनता से जांच में जुटी हुई है।














