New Delhi : राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर भारत का रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि दुश्मन देशों को भारत की उदारता और सहनशीलता को कभी भी उसकी कमजोरी नहीं समझना चाहिए। डिस्कवरी की आने वाली नई डॉक्यूमेंट्री सीरीज ‘डिक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर’ के सिलसिले में दिए गए अपने पहले इंटरव्यू में डोभाल ने कहा कि भारत हर तरह के जोखिम उठाने और कड़ा प्रहार करने की पूरी क्षमता रखता है, भले ही उसके परिणाम कुछ भी क्यों न हों।
क्या था 88 घंटे चले ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का मुख्य मकसद?
यह सैन्य अभियान मुख्य रूप से 22 अप्रैल को हुए घातक पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था। पिछले साल 7 मई की सुबह शुरू हुए इस 88 घंटे के सैन्य अभियान के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के भीतर छिपे आतंकी ठिकानों को चुन-चुनकर तबाह किया था। अजीत डोभाल ने बताया कि इस पूरे मिशन का एकमात्र उद्देश्य उन आतंकी कैंपों को नेस्तनाबूद करना था, जो पहलगाम हमले की साजिश में सीधे तौर पर शामिल थे।
टीवी और ओटीटी पर कब और कहां देखें यह डॉक्यूमेंट्री?
इस बहुप्रतीक्षित डॉक्यूमेंट्री सीरीज ‘डिक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर’ में भारत के शीर्ष सैन्य और राष्ट्रीय सुरक्षा नेतृत्व के वे तमाम फैसले और अनसुने घटनाक्रम सामने आएंगे, जिन्होंने इस जवाबी कार्रवाई को अंजाम दिया था। दो हिस्सों में बंटी इस स्पेशल सीरीज का प्रसारण शनिवार रात 9 बजे डिस्कवरी चैनल और ओटीटी प्लेटफॉर्म डिस्कवरी+ पर किया जाएगा, जिसमें उन अधिकारियों के प्रत्यक्ष अनुभव भी देखने को मिलेंगे जिन्होंने इस पूरी कार्रवाई की सीधी निगरानी की थी।
10 मई को थमा था भारत-पाकिस्तान का सैन्य टकराव
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय कार्रवाई के जवाब में पाकिस्तान की ओर से भी हमले किए गए थे, जिसके बाद परमाणु संपन्न दोनों पड़ोसी देशों के बीच करीब 88 घंटे तक भीषण सैन्य टकराव की स्थिति बनी रही। अंततः 10 मई की शाम दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौते के बाद यह सैन्य कार्रवाई थमी। अजीत डोभाल के इस ताजा बयान ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि देश की सुरक्षा के मामले में भारत किसी भी हद तक जाने से पीछे नहीं हटेगा।