
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचा रखी है। बारिश के कारण हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला बिल्हौर क्षेत्र के अरौल थाना अंतर्गत भीटी हवेली गांव का है, जहां बारिश का दबाव न सह पाने के कारण एक कच्चा मकान अचानक भरभराकर जमींदोज हो गया। इस हादसे में घर के अंदर मौजूद दंपती मलबे के नीचे दबकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे गांव में अफरातफरी मच गई।
मलबे से सुरक्षित निकाले गए दंपती, सीएचसी में इलाज जारी भीटी हवेली निवासी रामशरण पुत्र स्व. जबरूलाल का परिवार कच्चे मकान में रह रहा था। बुधवार सुबह लगातार हो रही बारिश की वजह से कमजोर हो चुकी मिट्टी अचानक ढह गई और मकान गिर पड़ा। हादसे के वक्त घर में मौजूद रामशरण के 35 वर्षीय पुत्र दिलीप और 30 वर्षीय पुत्रवधू शीटू कटियार मलबे के नीचे दब गए। तेज धमाके जैसी आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद मलबे को हटाकर दोनों को बाहर निकाला। घायलों को तत्काल नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। थानाध्यक्ष विनय तिवारी ने बताया कि घायलों को अस्पताल पहुंचा दिया गया है और मामले में आगे की आवश्यक कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही है।
कच्चे मकान के हादसे ने बढ़ाई चिंता, सरकारी दावों की खुली पोल बिल्हौर क्षेत्र में बारिश के चलते लगातार हो रहे हादसों के बाद अब शासन-प्रशासन की योजनाओं पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। केंद्र व प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाएं, जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना की पारदर्शिता पर स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि अगर इन योजनाओं का लाभ सही और वास्तविक जरूरतमंद पात्रों तक समय पर पहुंचता, तो आज इस तरह का दर्दनाक हादसा नहीं होता।












