दिल्ली में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से कटे एक-तिहाई नाम: ओखला-बुराड़ी समेत इन 7 इलाकों में बड़ा फेरबदल, जानें वजह

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIIR) प्रक्रिया के बाद जारी की गई ड्राफ्ट मतदाता सूची ने राजनीतिक सरगर्मियां तेज कर दी हैं। इस पुनरीक्षण अभियान के बाद दिल्ली की मतदाता सूची से लगभग एक-तिहाई वोटरों के नाम हटा दिए गए हैं। मतदाता सूची से इतने बड़े पैमाने पर नाम काटे जाने से विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक हलकों में गहरी चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं।

इन 7 प्रमुख विधानसभा क्षेत्रों में घटे सबसे ज्यादा मतदाता

प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, जिन विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई है, उनमें तुगलकाबाद, ओखला, बदरपुर, महरौली, बुराड़ी, देवली और रिठाला शामिल हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो बुराड़ी से 1,67,885, ओखला से 1,63,829, बदरपुर से 1,46,673, रिठाला से 1,06,512, देवली से 94,726, तुगलकाबाद से 92,033 और महरौली से 85,156 मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से बाहर हो चुके हैं। इन सभी क्षेत्रों की मुख्य विशेषता यह है कि यहाँ औद्योगिक इकाइयाँ, कामगारों की घनी बस्तियाँ और बड़ी संख्या में किराएदार रहते हैं। ओखला में जहाँ छात्र और औद्योगिक मजदूर अधिक हैं, वहीं बुराड़ी प्रवासियों की बड़ी आबादी और तेजी से विकसित होती कॉलोनियों के लिए जाना जाता है।

किराएदारों के बदलते पते बने नाम कटने का मुख्य कारण

विशेषज्ञों और प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में किराए पर रहने वाली आबादी अक्सर नौकरी, व्यापार, मजदूरी या बेहतर सुविधाओं की तलाश में अपना मकान बदलती रहती है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, दिल्ली में लगभग 9.41 लाख परिवार (कुल परिवारों का 28.2 प्रतिशत) किराए के मकानों में रह रहे थे। पते में बार-बार होने वाले इस बदलाव के कारण SIIR से पहले की गई मैपिंग प्रक्रिया के दौरान 50 फीसदी से भी कम किराएदार मतदाताओं की मैपिंग हो सकी थी। यही वजह है कि मतदाता सूची में इनका नाम स्थायी रूप से दर्ज रह पाना एक बड़ी चुनौती बन गया है।

आम आदमी पार्टी का गंभीर आरोप, प्रवासियों के अधिकार पर उठाए सवाल

वोटर लिस्ट में हुई इस भारी कटौती के बाद आम आदमी पार्टी ने इस पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। आप नेता और बुराड़ी से विधायक संजीव झा ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि अकेले बुराड़ी विधानसभा में ‘शिफ्टेड’ श्रेणी में दिखाकर करीब 39.4 प्रतिशत वोट काट दिए गए हैं। उन्होंने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि बुराड़ी में पहले कुल 4,26,451 मतदाता पंजीकृत थे, जो अब घटकर मात्र 2,52,189 रह गए हैं। आप नेताओं का आरोप है कि इस प्रक्रिया के जरिए प्रवासियों को चुनावी प्रक्रिया से बाहर करने की साजिश रची जा रही है।

 

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