Ayodhya Ram Mandir Donation Scam Investigation: अयोध्या स्थित भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए जाने वाले दान और चढ़ावे की रकम में कथित हेराफेरी के मामले में बहुत बड़ा खुलासा हुआ है। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में विशेष जांच टीम (SIT) द्वारा दाखिल की गई ताजा स्टेटस रिपोर्ट में सामने आया है कि मंदिर परिसर के PFC (पैसेंजर फैसिलिटेशन सेंटर) भवन स्थित काउंटिंग रूम के CCTV फुटेज की गहन पड़ताल के बाद नकदी गायब करने और छिपाने के 105 मामले पकड़े गए हैं।
एसआईटी की इस रिपोर्ट से धार्मिक और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
काउंटिंग रूम की CCTV फुटेज में पकड़ी गई गड़बड़ी
सुप्रीम कोर्ट में पेश की गई रिपोर्ट के अनुसार, काउंटिंग रूम की बारीकी से जांच करने पर 105 ऐसी घटनाएं दर्ज की गईं जिनमें बिना किसी सक्षम अनुमति के नकदी को निकाला गया या छिपाया गया। इस फर्जीवाड़े में केवल एक व्यक्ति शामिल नहीं था, बल्कि दान की गिनती प्रक्रिया में शामिल कुछ अन्य लोगों ने भी साठगांठ कर इस काम में मदद की थी।
उल्लेखनीय है कि इस पूरे फर्जीवाड़े को लेकर पहली बार 25 जून 2026 को अयोध्या के राम जन्मभूमि थाने में औपचारिक FIR दर्ज कराई गई थी, जिसमें 8 आरोपियों को नामजद किया गया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख और आदेश के बाद इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए SIT का गठन किया गया था।
फॉरेंसिक ऑडिट, बैंक खाते और संपत्तियां खंगाली गईं
SIT ने अपनी जांच का दायरा केवल CCTV फुटेज तक ही सीमित नहीं रखा, बल्कि वित्तीय साक्ष्यों को मजबूत करने के लिए फॉरेंसिक ऑडिटिंग फर्म ASA & Associates LLP को भी शामिल किया।
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बैंक खातों और संपत्तियों की जांच: आरोपियों और उनके सहयोगियों के बैंक खातों, अचल संपत्तियों और संदिग्ध लेनदेन का गहन विश्लेषण किया गया।
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कीमती सामान का भौतिक सत्यापन: मंदिर ट्रस्ट को मिले कीमती रत्नों, धातुओं और आभूषणों का भौतिक सत्यापन किया गया।
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TCS सॉफ्टवेयर का मिलान: TCS सॉफ्टवेयर से तैयार 803 कीमती वस्तुओं की रसीदों का मिलान SBI के लॉकर में रखी वस्तुओं से किया गया, जो बिल्कुल सही पाया गया। हालाँकि, 86 ऐसी कीमती वस्तुएं भी पाई गईं जिनकी रसीदें जारी नहीं हुई थीं; इनकी अलग से पहचान की गई है।
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944 किलो चांदी का ऑडिट: ट्रस्ट को दान में मिली लगभग 944.411 किलोग्राम चांदी को गलाने के लिए ‘Security Printing and Minting Corporation of India Limited’ भेजा गया था, जिसके रिकॉर्ड की भी एसआईटी ने पड़ताल की।
200 किलो चांदी की ईंट और रामचरितमानस दान में नहीं मिली गड़बड़ी
सोशल मीडिया और मीडिया में चले 200 किलो व 38.288 किलो की चांदी की ईंटों, चांदी के हार, रामलला की चरण पादुका और चांदी की रामचरितमानस जैसे बड़े दानों में गड़बड़ी के दावों की भी SIT ने निष्पक्ष जांच की। संबंधित दानदाताओं और अधिकारियों से पूछताछ के बाद इन विशेष वस्तुओं के रिकॉर्ड में कोई विसंगति या अनियमितता नहीं पाई गई।
173 गवाहों के बयान दर्ज, 25 सितंबर को दाखिल होगी चार्जशीट
एसआईटी ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक 173 गवाहों के बयान दर्ज किए हैं। इनमें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारी, अकाउंटेंट्स, बैंक अधिकारी, सुरक्षाकर्मी, सीसीटीवी ऑपरेटर, चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और संपत्ति लेनदेन से जुड़े लोग शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए सॉलिसिटर जनरल ने शीर्ष अदालत को सूचित किया कि SIT की जांच लगभग पूरी हो चुकी है। एसआईटी 25 सितंबर 2026 तक सक्षम अदालत में BNSS की धारा 193 के तहत चार्जशीट (पुलिस रिपोर्ट) दाखिल करने जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि चार्जशीट दाखिल होने के बाद उसकी एक कॉपी अदालत के समक्ष पेश की जाए। इस बहुचर्चित मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर 2026 को तय की गई है।













